Friday, March 13, 2026
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बीएसए की ‘शह’ पर उड़ रही शासनादेश की धज्जियां ?

  • सिंभालका में विद्यालय परिसर में बन रहा सामुदायिक शौचालय
  • प्रधानाध्यापिका ने जिलाधिकारी से की लिखित शिकायत

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: बेसिक शिक्षा अधिकारी के लिए योगी सरकार के शासनादेशों के कोई मायने नहीं रह गए हैं। इसलिए शामली ब्लॉक के गांव ताजपुर सिंभालका स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर के अंदर ग्रामीणों के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण पंचायती राज विभाग द्वारा कराया जा रहा है। प्रधानाध्यापिका ने मामले की शिकायत पहले बीएसए गीता वर्मा सेकी तो उनको मुंह बंद रखने की नसीहत दी गई। उसके बाद प्रधानाध्यापिका ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है।

राज्य सरकार की योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। जनपद शामली की 230 ग्राम पंचायतों में भी वर्तमान में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो रहा है। ग्राम प्रधानों तथा ग्राम पंचायत सचिव को जिला पंचायत राज अधिकारी ने हर हाल में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक मुश्त धनराशि की व्यवस्था भी की है।

सामुदायिक शौचालयों का निर्माण ग्राम पंचायत की जमीन पर होना है। लेकिन शामली ब्लॉक के ग्राम ताजपुर सिंभालका में शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए मेरठ-करनाल हाइवे स्थित उच्चतर प्राथमिक विद्यालय परिसर के अंदर सामुदायिक शौचालय का निर्माण चल रहा है। ऐसा नहीं कि प्रधानाध्यापिका ने इस पर ऐतराज नहीं किया बल्कि जैसा की आरोप है, बीएसए से जब शिकायत की गई तो उनको मुंह बंद रखने की नसीहत दे दी गई।

साथ ही, कहा गया कि वे इस बार में एबीएसए संजय डबराल से बात करें। एबीएसए ने आला अफसरों के मौखिक निर्देश का हवाला दिया। इतना ही नहीं, गुरुवार को बीडीओ शामली ने भी प्रधानाध्यापिका को गुरुवार को विद्यालय में पहुंचकर सामुदायिक शौचालय निर्माण होने की जानकारी दी। इसका प्रधानाध्यापिका ने विरोध भी किया लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। प्रधानाध्यापिका सुनीता शर्मा का कहना था कि विद्यालय परिसर के अंदर सामुदायिक शौचालय के निर्माण से ग्रामीणों की गतिविधियां बच्चों की पढ़ाई के दौरान भी रहेंगी, इससे शिक्षा में व्यवधान पैदा होगा। साथ ही, जल तथा वायु प्रदूषण की समस्या भी पनपेगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा से जब उनके सीयूजी मोबाइल फोन पर बातचीत के लिए संपर्क किया गया तो आऊट ऑफ रेंज जाता रहा।

जिलाधिकारी से शिकायत

उच्चतर प्राथमिक विद्यालय (कंपोजिट कक्षा 1-8) ताजपुर सिंभालका की प्रधानाध्यापिका सुनीता शर्मा ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को लिखे पत्र में ‘शासनादेश संख्या 851/68-5-2020 बेसिक शिक्षा’ का हवाला देते हुए छात्र हित और विद्यालय हित को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण न होने देने का आग्रह किया है। साथ ही, कहा कि किसी नए विद्यालय का निर्माण होने से पहले भी विद्यालय भूमि स्थल के आसपास का परिवेश देखा जाता है। उसके बाद ही अनुकूल स्थिति होने की दशा में विद्यालय का निर्माण उस स्थान पर कराया जाता है। किंतु विद्यालय परिसर की उपलब्ध भूमि में सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने से विद्यालय की प्रतिष्ठा पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

क्या कहता है शासनादेश

उप्र शासन में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार द्वारा गत 14 अगस्त को भेजेजे शासनादेश के बिंदु-2 में स्पष्ट लिखा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि कतिपय जनपदों में विद्यालय परिसर में सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण कराया जा रहा है, जो कि अत्यंत आपत्तिजनक है।

विद्यालय परिसर में मात्र छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ के लिए ही शौचालय निर्माण किया जा सकता है। संपूर्ण ग्राम के प्रयोग के लिए बन रहे ऐसे सार्वजनिक शौचालयों से विद्यालयों के परिसर में अध्यनरत छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को असुविधा होगी। साथ ही, विद्यालय बंद होने के पश्चात ग्रामीण ऐसे सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग भी नहीं कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त संबंधित विद्यालय में अनुशासन, उपस्थित छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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  1. प्रशासन की नाक के नीचे उड़ती शासनादेश

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