- शासन की गाइडलाइन के अनुसार हुई तरावीह की नमाज
जनवाणी संवाददाता |
शामली: माह-ए-रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। बुधवार को मुस्लिमों ने रमजान का पहला रोजा रखा और नमाजों में देश-दुनिया से कोरोना बीमारी का खात्मा करने की दुआएं की गई। मंगलवार देर शाम से तरावीह की नमाज शुरू हो गई जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा की गई।
बुधवार से बरकतों और इबादत का महीना रमजान शुरू हो गया है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरल के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों पर भीड इकटठा न करने और सोशल डिस्टेसिंग के साथ इबादत करने की गाइडलाइन जारी की। जिसके चलते मंगलवार देर शाम मस्जिदों में होने वाली तरावीह की नमाज के दौरान मस्जिदों में भीड़ इकट्ठा नहीं होने दी गई।
गाइडलाइन के मुताबिक पांच या मस्जिद में स्पेस के अनुसार ही अकीदतमंद पहुंचे जिसके बाद मस्जिद का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं मस्जिद में प्रवेश से पहले मास्क और फिर साबुन से हाथ धोने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया।
शामली शहर की शाही जामा मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना शौकीन अंसारी कैरानवी ने बताया कि रमजान का पहला अशरा शुरू हो गया है। जब पहले अशरे का चांद नजर आता है तो रजमान में जन्नत के सारे दरवाजे खोल दिए जाते है, जबकि जहान्नुम के सभी दरवाजों को बंद कर दिया जाता है।
मुस्लिम को चाहिए कि वह रमजान के पहले दिन से ही सभी को बुरे कामों को छोड़कर नेक कामों में शामिल हो जाए। भलाई का काम करे और बुराई से बचे। उन्होंने कहा कि यह रहमतों और बरकतों का महीनों है, जिसमें खुदा से अपने गुनाहों की तौबा कर नेक रास्तों की तरफ चले।
मौलाना शौकीन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की जारी गाइड लाइन व जिले के पुलिस प्रशासन के ओदशों के अनुसार ही कार्य करें। मस्जिदों और बाहर मास्क पहने, साबुन से हाथ धोते रहे, सोशल डिस्टेसिंग के अनुसार ही नमाज अदा कराई गई है।

