- एक महीने से खाता बंद होने पर किया इंकार
- बेटी की शादी के लिए जमा किए थे 88 हजार जमा
जनवाणी ब्यूरो |
ऊन: गरीब व्यक्ति ने पुत्री की शादी के लिए तिनका-तिनका जोड़कर बैंक खाते में रुपए जमा किए लेकिन जब शादी का समय आया तो बैंक ने पैसे देने से इंकार कर दिया। बैंक मैनेजर का कहना है कि खाता बंद है इसलिए पैसे नहीं दिए जा सकते। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बैंक से उसके पैसे दिलाने की गुहार लगाई है।
ऊन तहसील क्षेत्र के गांव खेड़ा भाऊ निवासी राजवीर पुत्र इलम सिंह मजदूरी कर जीवन गुजर बसर करता है।
राजवीर करीब 10 वर्षों से तिनका-तिनका जोड़ कर अपने खाते में अपनी पुत्री की शादी के लिए रुपए जमा कर रहा है। उसके बैंक खाते में 88 रुपये हो गए हैं। अब पुत्री की शादी तय हो गई है जिसके लिए वह बैंक में पैसे निकलवाने पहुंचा तो मैनेजर कुलदीप कुमार ने रुपये देने से इंकार कर दिया और बताया कि करीब एक महीने से उसका खाता बंद है।
मैनेजर के बताने पर राजवीर ने सभी आवश्यक दस्तावेज बैंक को दिए लेकिन फिर भी खाता नहीं चालू किया गया। पीड़ित राजवीर का कहना है कि उसने तीन बार बैंक मैनेजर को उसका खाता चालू करने के लिए आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज दिए लेकिन खाता नहीं चालू किया जा रहा है। अब थक हारकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायत कर उसके खाते से रुपये दिलाने की गुहार लगाई है।
उधर शाखा प्रबंधक कुलदीप कुमार का कहना है कि इलाहाबाद से इंडियन बैंक शाखा में मर्ज होने के बाद से इस प्रकार की समस्याएं आ रही है। शाखा से कई बार खाता धारकों के दस्तावेज लखनऊ भेजे जा चुके हैं लेकिन वहां लगातार कोरोना पॉजीटिव कर्मचारी निकलने के चलते करीब एक महीने से कार्य नहीं हो रहा। राजवीर के साथ बहुत से खाता धारक है जिनके खाते बंद हैं। जब तक खाते नहीं चलते हम पैसे नहीं दे सकते।

