जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: छपरौली क्षेत्र के लूम्ब सहित विभिन्न गांवों में पर्यावरण- प्रकृति को समर्पित गुरू गोरक्षनाथ महापर्व यज्ञ, पौधा रोपण और दीपक जलाकर मनाया गया।
बुधवार को क्षेत्र लूम्ब, तिलवाड़ा, बोढ़ा, ककौर, बाछौड़, कुर्डी, नंगला, रठौड़ा, मुकन्दपुर आदि गांवों में पर्यावरण व प्रकृति को समर्पित गुरू गोरक्षनाथ महापर्व यज्ञ, पौधा रोपण और दीपक जलाकर मनाया गया। उपाध्याय धर्मशाला लूम्ब में गुरू गोरक्षनाथ महापर्व वैदिक यज्ञ और पीपल के पौधा के रोपण करके मनाया गया। यज्ञ के उपरान्त उपस्थित सभी नाथ पंथियों को समाजसेवी आरआरडी उपाध्याय ने प्रति वर्ष पौधा रोपण का संकल्प दिलाया।समाजसेवी ने कहा कि गुरु गोरखनाथ महायोगी होने से साथ प्रकृति प्रेमी थे। इसलिए वह अपने शिष्यों के साथ नगर से दूर प्रकृति के आंचल में बरगद और पीपल के वृक्षों छाया में साधना करते थे। सम्पूर्ण विश्व गुरू गोरक्षनाथ के हट योग का अनुसरण करता है।
यज्ञ के पुरोहित आचार्य धर्मवीर आर्य ने कहा गुरु गोरखनाथ नाथ हमारे आदर्श होने के साथ महायोगी और उच्चकोटि के साहित्यकार भी थे। नाथ सम्प्रदाय ने हमेशा धर्म की रक्षा के लिये कार्य किया।इस अवसर पर प्रदीप कुमार, विकास, धर्मेन्द्र, समाजसेवी आरआरडी उपाध्याय, आचार्य धर्मवीर आर्य, चौहल सिंह, सुनील कुमार आर्य, सुरेश, संसार, शिवचरण, राजीव, चन्द्रपाल, अजय, कपिल, बिल्लू विजय आदि उपस्थित रहे।

