जनवाणी ब्यूरो |
शामली: नगर पालिका परिषद शामली की वार्ड 23 से सभासदपति व जिला योजना समिति के सदस्य निशिकांत संगल, वार्ड 12 से सभासद पंकज गुप्ता, वार्ड 16 से अनिल उपाध्याय व वार्ड पांच से सभासद राजीव गोयल ने शहर के हनुमान धाम के निकट एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता करते हुए दुकान आवंटन में लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि मुंडेट रोड पर नवीन मंडी के सामने प्रथम मंजिल पर नगर पालिका परिषद की 22 दुकानें हैं। इन सभी दुकानों को गुपचुप तरीके से आवंटित कर दिया गया। एक-एक दुकान सिर्फ दो-दो लाख में आवंटित कर दी गई। इतना ही नहीं दुकानों को कई सभासदों के परिजनों व परिचितों और पालिका के एक लिपिक की पत्नी को आवंटित कर दिया गया था।
इन दो लाख में भी 50 हजार रुपये जमा कराए गए जबकि बाकी की छह-छह माह की किश्त बांध दी गई। सभासदपति निशिकांत संगल का आरोप है कि नगर पालिका एक्ट के मुताबिक सभासद या नगर पालिका का अधिकारी-कर्मचारी पद पर रहते हुए अपने या अपने ब्लड रिलेशन में किसी प्रकार का सरकारी लाभ नहीं ले सकता।
उन्होंने इन सभी 22 दुकानें के आवंटन को रद्द करने और दुबारा से सार्वजनिक तौर पर इन दुकानों की बाली लगवाने की मांग की है। सभासदों ने बताया कि उन्होंने इस बाबत कमिश्नर, डीएम, एडीएम, ईओ आदि को शिकायती पत्र भी भेजा है।
सभासदपति निशिकांत संगल व अन्य सभासदों ने उन्हें एक शिकायती पत्र दिया हैं जिसमें पालिका की 22 दुकानों आवंटन को गलत बताया गया है। यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। ज्ञात करने पर पता चला कि उक्त दुकानों की पूर्व में बोली लगाई गई थी लेकिन किसी ने नहीं ली थी जिसके बाद दुकानों की बोली कम की गई थी। शिकायत पर जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई भी होगी।
सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद शामली।

