- 19 दिन में कोरोना की रफ्तार तूफानी, 3045 हुए संक्रमित
- इस अवधि में मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी, 62 की मौत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना के कारण मार्च से लेकर छह जून तक कोरोना ने उतना कहर नहीं बरपाया जितना अकेले सितंबर महीने में कोरोना कहर बरपा रहा है। सिर्फ उन्नीस दिनों में कोरोना ने 3045 लोगों को संक्रमित कर दिया। इस अवधि में 62 लोगों को कोरोना ने दुनिया से विदा करा दिया। जिस तरह से कोरोना की रफ्तार बढ़ रही है, उसको देखकर लग रहा है कि आने वाले महीने कोरोना को रोक पाने में सफल नहीं हो पाएंगे।
पूरी दुनिया में कोरोना का कहर बरकरार है। यूरोप के बारे में कहा जा रहा था कि वहां कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में आ गया है, लेकिन फिर से यूरोप में कोरोना ने पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। इसी तरह मेरठ में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। कई प्रमुख सचिव और नोडल अधिकारी यहां मौतों की संख्या को काबू करने के लिये आ चुके हैं, लेकिन कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है।
31 अगस्त तक मेरठ में 4047 लोग संक्रमित थे और 119 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी थी। एक सितंबर से प्रतिदिन 100 से अधिक संक्रमित सामने आ रहे है। इनमें एक सप्ताह संक्रमितों की संख्या 200 से अधिक आई। अब प्र्रतिदिन 150 से अधिक संक्रमित सामने आ रहे हैं। अब हालत यह हो गई है कि 19 सितंबर तक मेरठ में सात हजार का आंकड़ा पार करते 7092 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
जबकि 181 लोग मौत की नींद में सो चुके हैं। सितंबर माह में ही 62 मौतें हुई जो किसी भी महीने से सर्वाधिक है। इसी महीने कोरोना ने पांच हजार, छह हजार और सात हजार का आंकड़ा पार किया। सितंबर के महीने में शहर के हर अस्पताल ओवरलोड हो चुके हैं। 31 मार्च को सिर्फ 19 लोग ही संक्रमित थे।
30 अप्रैल तक मेरठ में संक्रमितों की संख्या 115 और मौतों की संख्या छह थी। यही कारण है कि अब तक करीब 600 लोग होम आइसोलेट है। मेडिकल कालेज, सुभारती अस्पताल, पांचली, एसआरएम और मुलायम सिंह यादव मेडिकल कालेज ओवरलोडेड चल रहे हैं।
कोई सबक नहीं
शहर में सड़कों पर रोज बढ़ रही भीड़ कोरोना से बेखौफ दिख रही है। सड़कों पर वाहनों की चेकिंग के नाम पर वसूली करने वाली पुलिस को बिना मास्क वाले नहीं दिखाई देते है। जब एसएसपी का डंडा उठता है तो थानेदार औपचारिकता निभाने के लिये मास्क के खिलाफ अभियान चला देते हैं। यही कारण है कि कोरोना ने शहर के लगभग हर मोहल्ले में संक्रमण फैला दिया है। पॉश कालोनियों से लेकर सैन्य क्षेत्रों में कोरोना की दस्तक बरकरार है।
कोरोना का आंकड़ा 7000 के पार, 180 नए संक्रमित
शहर में कोरोना संक्रमण सात हजार का आंकड़ा पार कर चुका है। शनिवार को 180 नए संक्रमित मिले हैं। साथ ही संक्रमित चार मरीजों की मौत के साथ ही जानलेवा कोरोना अब तक 181 जिंदगी खत्म कर चुका है। कोरोना के सबसे ज्यादा केस क्विन्स लैंड कालोनी में आए हैं।
लगातार मिल रहे संक्रमितों को लेकर इस इलाके में हालात बेहद विस्फोट हो गए हैं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत शनिवार को यहां 15 नए संक्रमित मिले हैं। जनपद का कोई हिस्सा ऐसा नहीं जहां संक्रमण का असर न दिखाई दे रहा हो। तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का पसीना छूट रहा है। वहीं, दूसरी ओर शासन प्रशासन के आला अफसरों की भी नींद उड़ी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डा. विश्वास चौधरी की ओर से किए गए अपडेट में संक्रमित चार मरीजों की मौत और 180 नए संक्रमितों की जानकारी दी गयी है। संक्रमितों के बडेÞ मामले क्विन्सलैंड कालोनी में सामने आए हैं। यहां 12 नए संक्रमित केस मिले हैं। हालांकि इससे पहले भी यहां संक्रमित मिले हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में केस पहली बार मिले हैं। इतने ज्यादा केस मिलने से कालोनी में रहने वाले भी दहशत में हैं। जिन अन्य कालोनियों में संक्रमण के अधिक मामले आए रहे हैं उनमें थापर नगर में तीन केस मिले हैं।
सदर के बैंकर स्ट्रीट में भी एक केस निकला है। बाइपास स्थित पॉश कालोनियों में शुमार मेरठ वन अल्फाकोर कालोनी में भी संक्रमण का केस मिला है। इससे पूर्व इसके बगल स्थित अंसल कोर्ट यार्ड में अब तक दो तथा अंसल टाउन में कई केस मिल चुके हैं। मेडिकल के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली डाक्टर भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गयी है। जयभीमनगर में रहने वाले दो छात्र व एक महिला समेत तीन संक्रमित हैं।
शिवलोकपुरी में एक बार फिर चार केस मिले हैं। थाना कंकरखेड़ा का एक पुलिस कर्मी संक्रमितों में शामिल है। जागृति विहार निवासी जेल में बंद कैदी भी संक्रमित हो गया है। रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कालोनी के फेज-2 में एक ही परिवार के तीन सदस्य संक्रमित पाए गए हैं।
मवाना के मोहल्ला तिहाई में भी संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी है। दौराला के पल्हैड़ा में एक पशु चिकित्सक समेत तीन संक्रमित मिले हैं। सिविल लाइन के पुरानी मोहनपुरी में दो केस मिले हैं। इससे सटे विकास विहार मोहनपुरी में एक केस मिला है। यहां भी केसों के मिलने का सिलसिला जारी है।
शास्त्रीनगर ओल्ड बी ब्लॉक में तीन केस तथा शास्त्रीनगर के मयूर विहार इलाके में संक्रमण का एक केस मिला है। सेक्टर पांच में भी एक केस मिला है। टीपीनगर के शंभु नगर में दो केस मिले हैं। इसके कमला नगर रामलीला ग्राउंड में भी एक केस मिला है।
सिविल लाइन के पांडवनगर में तीन, नंगला बट्टू में दो, न्यू प्रभात नगर एक, हरनाम दास रोड पर एक बार फिर संक्रमित मिला है। सुभाष नगर में दो संक्रमित। पुलिस लाइन न्यू मोहनपुरी में तीन केस मिले हैं। चार केस सेना की यूनिटों से आए हैं। मवाना रोड स्थित आॅफिसर्स कालोनी में दो केस मिले हैं।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में भी दो केस मिले हैं। मोदीपुरम शिवनगर में एक ही परिवार के चार सदस्य संक्रमित हो गए हैं। जेल चुंगी न्यू आर्य नगर में दो केस मिले हैं। इनमें जेल में बंद एक कैदी भी शामिल है। हापुड़ रोड बाइपास स्थित सुपरटेक में दो केस मिले हैं। इनके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी संक्रमितों का मिलना जारी है। सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।
भाजपा नेत्री पूरे परिवार समेत संक्रमित
शास्त्रीनगर ए ब्लॉक निवासी भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूजा बंसल का पूरा परिवार जिसमें पति व दोनों बच्चे संक्रमित हो गए हैं। ये जानकारी खुद पूजा बंसल ने दी है। सभी को आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इनकी हुई है मौत
कोरोना संक्रमण के चलते शनिवार को चार मरीजों की उपचार के दौरान मौत भी हो गयी है। इनमें रेलवे रोड आनंदपुरी निवासी 68 वर्षीया महिला, प्रभात नगर निवासी 60 वर्षीया महिला, सिविल लाइन के सुभाष नगर निवासी 36 वर्षीय पुरुष व ब्रह्मपुरी निवासी 65 वर्षीय शख्स शामिल हैं। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
परतापुर इंस्पेक्टर समेत एक दर्जन पुलिसकर्मी संक्रमित
कोरोना काल में लोगों की सुरक्षा करने वाले खुद सुरक्षाकर्मी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। परतापुर एसओ समेत एक दर्जन पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। ऐसा ही कोरोना वायरस का कहर परतापुर थाने पर भी टूट पड़ा है। जहां पहले से थाने में पुलिस कर्मियों की कमी थी वही थाने में लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं जिससे अब थाने में बचे हुए पुलिसकर्मी भी दहशत में हैं एसएचओ, एसएसआई, चौकी इंचार्ज रिठानी सहित कई दरोगा और दोनों थाने के ड्राइवर, कंप्यूटर आॅपरेटर, मुंशी, सहित कई कांस्टेबल भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए और घर पर ही अपने आप को आइसोलेट कर लिया जिससे अब थाने में जहां पुलिसकर्मियों की कमी के साथ-साथ बचे कुचे पुलिसकर्मियों में भी कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत है वही फरियादियों को भी अब थाने में अपनी फरियाद लेकर जाने में कोरोना वायरस का डर सता रहा है। ऐसे में परतापुर थाना अब राम भरोसे ही चल रहा है।
सब्जी मंडी में कोरोना चेन रिटर्न की आशंका
शहर में तमाम स्थानों पर अवैध रूप से सड़कों पर लगने वाली सब्जी मंडियों के कारण कोरोना संक्रमण की बड़ी चेन की रिटर्न होने की आशंका जतायी जा रही है। कोरोना संक्रमण काल के शुरूआती दौर में अप्रैल व मई माह में सब्जी मंडी में मिली संक्रमण की बड़ी चेन ने स्वास्थ्य विभाग ही नहीं प्रशासन व शासन तक को हिला कर रख दिया था।
सब्जी मंडी की चेन से जुडे संक्रमितों की बड़ी संख्या की वजह से मेडिकल के कोविड आइसोलेशन वार्ड में स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमराने का संकट खड़ा हो गया था। सब्जी मंडी की चेन से जुडे संक्रमितों को संभालना स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल हो गया। वैसे ही आसार एक बार फिर से बनते नजर आ रहे हैं।
सबसे बुरा हाल दिल्ली रोड का है। दिल्ली रोड पर सड़क पर लगने वाली अवैध सब्जी मंडी। इसके अलावा सदर सब्जी मंडी, कैंट के अनुमान चौक सर्कुलर रोड पर भी अवैध सब्जी मंडी, गढ़ रोड पर आम्रपाली के समीप तथा माधवपुरम इलाके में कुछ समय पूर्व से लग रही सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क के प्रयोग को लेकर गंभीर गलतियां की जा रही हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का तो ऐसी सब्जी मंडियों को धज्जियां उड़ाकर रख दी है।
कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोग गंभीर नजर नहीं आते। इसको लेकर जब सब्जी मंडी के विक्रेताओं से पूछा गया तो उनका कहना था कि जब समझदार लोग ही इस प्रकार की नासमझी दिखाएंगे तो फिर कोरोना संक्रमण की चेन तो बनेगी ही। वो ये भी कहते हैं हम लोग तो मास्क का प्रयोग करते हैं, लेकिन उनके पास सब्जियां खरीदने के लिए आने वाले ज्यादातर लोग मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पूरी तरह लापरवाही बरत रहे हैं।
सब्जी बेचने वालों का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग के पालन कराने को पुलिस प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह हो गए हैं। सब्जी बाजारों में पहले पुलिस वाले घूमते थे। रोका टोकी करते थे, लेकिन जब यहां कोई झांकने नहीं आता, जिसके कारण न तो कोई मास्क के लिए गंभीर है न ही सोशल डिस्टेंसिंग के लिए।

