जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिला महिला अस्पताल (डफरिन) में एक आशा के पद पर तैनात महिला के साथ सिक्योरिटी गार्ड ने छेड़छाड़ की, फिर चाटा मार दिया। यही नहीं, दो स्टाफ नर्स ने भी आशा के साथ अभद्रता की। डिलविरी होने पर महिला स्टाफ नर्स 1100 रुपये बतौर रिश्वत के मांग रही थी, जिसको लेकर बवाल हुआ। अब इस पूर मामले को लेकर जिले भर की आशाओं ने जिला महिला अस्पताल में पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा आरोपी गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
दो घंटे तक अस्पताल में बवाल होता रहा, जिस दौरान यह बवाल चल रहा था, तब सिटी मजिस्ट्रेट भी यहां मौजूद थे। उनके सामने भी प्रदर्शनकारी आशाओं ने प्रकरण में कार्रवाई नहीं करने की बात कहीं, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट भी पुलिस से बातचीत कर लौट गए। इसके बाद महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जतायी। उधर, मामले को लेकर देहली गेट थाने में आरोपी गार्ड के खिलाफ तहरीर दे दी हैं, जिसमें पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
इसी को लेकर आशाएं नाराज थी। आशाओं ने धमकी दी है कि यदि दो दिन के भीतर आर्ड व अन्य स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो तमाम आशाएं हड़ताल कर कमिश्नर आॅफिस पर धरना देगी तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। यह घटना मलियाना में आशा के पद पर तैनात सोनिया के साथ घटी।
बकौल, सोनिया पूनम पत्नी रवि को डिलीवरी के लिए जिला महिला अस्पताल में लेकर आयी थी।
पूनम की मंगलवार को छुट्टी होनी थी, जिसके लिए वह अस्पताल में आयी थी। इस दौरान उनकी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड राजू ने एंट्री नहीं होने दी तथा जब उसने पूरी घटना बतायी तो उसके साथ गार्ड ने उसको चाटा मार दिया। यही नहीं, इंचार्ज लुईस व कल्पना ने भी उसके साथ अभद्रता की।
इस पूरी घटना से आहत जिले भर की तमाम आशाएं गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में पहुंची तथा प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रालोद महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष आरती मलिक भी पहुंची तथा प्रदर्शनकारियों के पक्ष में नारेबाजी की।
इसी बीच देहली गेट पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट भी यहां पहुंच गए थे। सिटी मजिस्ट्रेट के सामने प्रदर्शनकारी आशाओं ने अपना पक्ष रखा, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कोई तव्वजो नहीं दी तथा अस्पताल कैंपस से चले गए। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा तथा नारेबाजी कर दी।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ऐलान किया है कि दो दिन के भीतर सिक्योरिटी गार्ड व इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कमिश्नरी पर अनिश्चित कालीन पर धरना देकर बैठ जाएंगी। करीब तीन घंटे तक यहां हंगामा चलता रहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों का पक्ष नहीं सुना गया।
तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर दी गई है। इस प्रकरण की जांच कर उन्हें रिपोर्ट देंगे। इसमें प्रारंभिक जांच पड़ताल में जो तथ्य सामने आये है, उसके आधार पर सिक्योरिटी गार्ड राजू को हटा दिया गया है तथा स्टाफ नर्स व इंचार्ज की जांच कर गठित टीम रिपोर्ट देने से पहले ही हटा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-डा. मनीषा अग्रवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका, जिला महिला अस्पताल


