- लेखानगर गुरुद्वारे में कहा था शायद यह मेरठ का आखिरी दौरा हो
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पूरी दुनिया में अपने भावपूर्ण अंदाज में शबद कीर्तन करने वाले सुरेन्द्र सिंह जोधपुरी के रविवार को दोपहर निधन से मेरठ के सिख समाज को गहरा धक्का लगा है। 200 से अधिक कर्णप्रिय और गुरु को समर्पित कीर्तनों की वीडियो के जरिये करोड़ों लोगों के दिलों में राज करने वाले जोधपुरी का मेरठ से गहरा नाता था। वह लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। वह दर्जनों बार क्रांतिधरा में आए और लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़कर चले गए। लेखानगर में आखिरी बार आए जोधपुरी ने कहा था हो सकता है यह मेरा मेरठ का आखिरी दौरा हो।
13 अक्टूबर 1955 को अमृतसर में जन्में 65 वर्षीय सुरेन्द्र सिंह जोधपुरी का बचपन से शबद कीर्तन से नाता जुड़ गया था। उस वक्त उनकी उम्र महज पांच साल की थी। अमृतसर में रहने वाली उनकी पुत्रवधू हरदीप कौर ने दैनिक जनवाणी को बताया कि 1984 में आपरेशन ब्लू स्टार के दौरान उनको गुरुद्वारा हरमिंदर साहब से गिरफ्तार किया गया था। वहां से उनको पांच साल तक जोधपुर जेल में रखा गया था तभी से उनके नाम के आगे जोधपुरी जुड़ गया था।
उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में जहां जहां सिख रहते हैं वहां पर उन्होने कीर्तन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने बताया कि सुरेन्द्र सिंह जोधपुरी मेरठ में भी कई बार आए और मीठी यादें लेकर लौटे। उनके 200 से अधिक वीडियो सिख समाज की धरोहर बने हुए हैं। उनके कुछ वीडियो जैसे जे तू मित्तर आधार, श्री हर कृष्ण ढियये, नहीं तुढ जेया, हर जियो निमांइया तू मान, जो मांगे ठाकुर आपने ते सोई सोई देवे और तोही मोही अंतर कैसा जैसे कीर्तन लोगों के दिलों से कभी नहीं मिट सकते हैं।
गुरुनानक जी के 550 वीं जयंती पर गॉडविन पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सुरेन्द्र सिंह जोधपुरी ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। दशमेशनगर गुरुद्वारे में सुरेन्द्र सिंह जोधपुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। सरदार दिलीप सिंह बुद्धिराजा, सरदार राजवीर सिंह, तेजवीर सिंह, सरदार चरणजीत सिंह, सरदार देवेन्द्र सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी वाणी में दिव्यता है कि कोई भी सुनने वाला आसानी से प्रतिभाशाली आवाज से मंत्रमुग्ध हो सकता है। एक-एक शब्द अलौकिक आनंद देने वाला होता है। इनके निधन से सिख समाज का अपूर्णीय क्षति पहुंची है।

