- शांति नर्सिंग होम की जल्द होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
- कमिश्नर और वीसी अवैध निर्माणों को लेकर हुए सख्त
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: अवैध निर्माणों के खिलाफ नए वीसी आशीष कुमार की सख्ती रंग लाई तो कई बिल्डिंगें ध्वस्त हो सकती हैं। शांति नर्सिंग होम को तो जल्द गिराया ही जाना है, इसी के साथ बहुचर्चित शुभम प्लाजा पर भी अवैध रूप से बनाए गए हिस्से पर महाबली चल सकता है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा शुभम प्लाजा को पहले ही नोटिस गया है। यह नोटिस प्लाजा में नक्शे के विपरीत बने अनाधिकृत निर्माण को लेकर है।
बता दें कि शहर भर प्राधिकरण के अभियंताओं की मिलीभगत से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। अभी हाल ही में नेहरू मार्केट जाने वाले रास्ते पर अंदर कई बड़े व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। इसी तरह पुल जोगियान, घंटाघर, अंबाला रोड समेत रायवाला और दिल्ली रोड समेत शहर के कोने-कोने में अनधिकृत रूप से निर्माण किए गए हैं।
ऐसा पहली बार हो रहा है जब कमिश्नर लोकेश एम और प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आशीष कुमार अवैध निर्माणों को लेकर सख्त हैं। लोकायुक्त के यहां की गई शिकायत के बाद शहर में शांति नर्सिंग होम को भी ध्वस्त करने के आदेश हो चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि वीसी ने तमाम फाइलें तलब कर ली हैं और फिर बाबुओं के माथे पर पसीना आ रहा है। माना जा रहा है कि अगर कार्रवाई हुई तो कई बड़े खिलाड़ियों का विकेट गिर सकता है।
अभियंताओं से मिलकर दलाली खाने और अवैध निर्माण कराने वाले पर भी वीसी की नजर तिरछी हो चुकी है। इन दिनों अस्पताल पुल की साइड में बनाए जा रहे निजी अस्पताल में भी नियमों को ताख पर रखकर निर्माण हो रहा है। इसकी भी शिकायत कमिश्नर और वीसी से की गई है। इस बिल्ंिडग का छज्जा सड़क पर आ रहा है। यह निर्माण कार्य एक चिकित्सक करा रहा है। संबंधित अभियंता ने अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है।
सबसे दिलचस्प माामल है घंटाघर के निकट अंबाला रोड पर बने शुभम प्लाजा का। करीब पांच वर्ष पहले शुभम प्लाजा का निर्माण हुआ था। प्लाजा के निर्माण को लेकर उस समय कई सवाल खड़े किए गए थे। हालांकि, उसी समय अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। मामले को संबंधित द्वारा लिपिक पर दबाने के आरोप भी लगे, और इसी बीच कई लोगों ने दुकानें खरीद लीं।
हालांकि, गत दो अगस्त तक आदेश के क्रियान्वयन पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगी थी। लेकिन, प्राधिकरण द्वारा प्लाजा के स्वामी को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण स्वयं हटा लेने के निर्देश दिए गए थे। पर हुआ कुछ नहीं। नोटिस में कहा गया था कि यदि वह निश्चित समय तक निर्माण नहीं हटाता तो स्वीकृत नक्शे के विपरीत बने अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई होगी। इससे पूर्व कहा कि क्षेत्र में आगे भी ऐसी कार्रवाई की जाती रहेंगीं।
सच्चाई ये है कि अवैध निर्माण को ध्वस्त न होने देने के पीछे प्राधिकरण के ही अभियंता साथ दे रहे हैं। लेनिक, अब नए वीसी ने सख्त रवैया अपनाया है। उनका कहना है कि यहां भी महाबली चलाया जाएगा। शांति नर्सिंग होम समेत अस्पताल पुल के साइड में बनाए जा रहे निजी अस्पातल के निर्माण की भी जांच होगी। इस बाबत कुछ लोग लोकायुक्त के यहां शिकायत करने जा रहे हैं।

