Monday, March 16, 2026
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फाइनेंस कंपनी के दबाव में कारोबारी ने खुद को गोली मारी

  • कार में बैठकर सुसाइड किया, दो सुसाइड नोट छोड़े

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: फाइनेंस कंपनी के ब्याज दर ब्याज के दबाव में आकर एक कारोबारी ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। सिविल लाइन मोहल्ले में कार के अंदर कारोबारी के सुसाइड से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एसएसपी और एसपी सिटी ने मौके पर मौजूद लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। कारोबारी की कार से खोखा, सुसाइड नोट और डिप्रेशन की दवाइयां मिली है। मृतक ने एक सुसाइड नोट अपने मोबाइल में भी रखा हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।

न्यू मोहनपुरी निवासी योगेन्द्र चौधरी पुत्र महकार सिंह चौधरी की पीएल शर्मा रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। शुक्रवार की शाम चार बजे के करीब लालकुर्ती थानांतर्गत राज लोक पैलेस से थोड़ा आगे कार में योगेन्द्र चौधरी का खून से लथपथ शव मिला।

दरअसल एक युवक जब पार्किंग में अपनी कार पार्क करने आया तो उसने सफेद रंग की मारुति यूपी12जी 2090 से खून निकलता देखा। उसने इसकी सूचना पुलिस और आसपास के लोगों को दी और चला गया। लालकुर्ती और सिविल लाइन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कार खुलवा कर देखा तो एक व्यक्ति कार की खिड़की के सहारे बैठा है और खून निकल कर काला पड़ चुका है।

पुलिस को कार से एक सुसाइड नोट मिला। बकौल एसपी सिटी विनीत भटनागर सुसाइड नोट में लिखा हुआ था कि इसके अलावा कोई चारा नहीं है। सुसाइड नोट में एक फाइनेंस कंपनी का जिक्र भी था। यह भी लिखा हुआ था कि दूसरा सुसाइड नोट मोबाइल में है जो मौत का राज खोलेगा। इस मोबाइल का पासवर्ड बेटी के पास है। पुलिस ने सुसाइड नोट पर लिखे नंबर के आधार पर घर वालों को सूचना दी।

मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। थोड़ी देर में पत्नी और बेटी मौके पर आई और पिता के शव को देखकर बदहवास हो गई। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों लोगों को संभाला। बाद में मृतक का भाई भी आ गया। कार से पुलिस को एक खोखा, लाइसेंसी पिस्टल, दवाएं मिली है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से परिवार के लोगों ने बताया कि योगेन्द्र चौधरी ने फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था और हर महीने 10 से 15 हजार रुपये जमा भी कर रहे थे।

पूरा पैसा जमा होेने के बाद भी फाइनेंस कंपनी वाले ब्याज पर ब्याज लगा रहे थे। कंपनी ने चार लाख रुपये की देनदारी बता रखी थी। परिवार के लोगों ने बताया कि सुबह के वक्त फाइनेंसर का बेटा घर पैसा मांगने गया था। तभी से वह डिप्रेशन में चल रहे थे। दोपहर डेढ़ बजे वह अपनी दुकान से उठे और नौकर सुनील से कहा कि 15 मिनट में आ रहा हूं और कार लेकर निकल गये।

सुनील ने बताया कि वो कभी अपना मोबाइल छोड़कर नहीं जाते हैं, लेकिन जाने से पहले मोबाइल चार्ज करने के लिये लगाकर छोड़ गए। वहीं, इंस्पेक्टर लालकुर्ती अतर सिंह ने बताया कि मृतक की बेटी को कल बुलाकर पासवर्ड खुलवाकर उसमें सुसाइड नोट को पढ़ा जाएगा। अगर सुसाइड नोट में फाइनेंसर का जिक्र होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं परिजनों ने अभी तक तहरीर नहीं दी है।

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