Thursday, April 25, 2024
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जानी में दिनदहाड़े व्यापारी से तीन लाख लूटे

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  • जानी में बेकाबू हुए अपराधी बढ़ रहा आपराधिक घटनाओं का ग्राफ

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जानी थाना क्षेत्र में अपराधी बेकाबू हो गए हैं। जानी थाना क्षेत्र के कुराली गांव के समीप एक व्यापारी से दिनदहाड़े तीन लाख रुपये लूट लिये। लूट की यह घटना खुली जीप से सामान लेकर आ रहे एक व्यापारी के साथ घटी। व्यापारी की कनपटी से बदमाशों ने पिस्टल तान दी, जिसके बाद तीन लाख रुपये की नकदी लूटकर ले गए।

व्यापारी ने जानी पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस का गैर जिम्मेदारान रवैया देखिये कि उल्टे पुलिस ने व्यापारी को धमकाना शुरू कर दिया। उधर, पुलिस ने बदमाशों की तलाश में चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कुछ पता नहीं चल सका। जानी थाना क्षेत्र में इन दिनों आपराधिक घटनाएं बढ़ी है। चोरी, हत्या, लूट, दुष्कर्म, रंगदारी, गोलीबारी, अपहरण व साइबर क्राइम की बढ़ रही घटना लोगों के लिये चिंता का कारण बन गया है।

खास बात ये है कि हर दिन कहीं न कहीं अपराधियों द्वारा घटना को अंजाम दिया जा रहा है। बावजूद इसके इस दिशा में प्रशासन द्वारा समुचित पहल नहीं किये जाने से अपराधियों के हौसले दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं। अपराधियों द्वारा एक तरफ जहां लूट की घटना को बेधड़क अंजाम दिये जा रहे हैं। वहीं, बेखौफ बदमाशों द्वारा सरेआम लोगों पर गोली दागी जा रही है।

लूट की यह घटना शुक्रवार सुबह नौ बजे की है। मधुसूदन पुत्र ऊधम सिंह खुली महेंद्रा जीप से क्षेत्र के व्यापारियों के माल की आपूर्ति करता है। वह जीप संख्या-यूपी17-एटी 7174 से अमीनगर सराय से माल लेकर जानी आ रहा था। जब उसकी जीप कुराली गांव के समीप पहुंची, तभी पीछे से बदमाशों की बाइक ने जीप को ओवर टेक करके रुकवा लिया। बदमाशों की संख्या दो थी। बदमाश पिस्टल लिये हुए थे तथा बदमाशों ने व्यापारी की कनपटी से पिस्टल तान दी, जिसके बाद लूटपाट की।

इसके बाद एक और बाइक पीछे से आयी, जिस पर दो और बदमाश सवार थे। बदमाशों ने मधुसूदन पर पिस्टल तान दी और तीन लाख रुपये लूटकर ले गए। बदमाश लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बाद बागपत की तरफ भाग गए। घटना की जानकारी मधुसूदन ने जानी थाने में दी, जिसके बाद उल्टे पुलिस कर्मी व्यापारी को ही हड़काने लगे। पुलिस ने व्यापारी का मोबाइल भी कब्जे में ले लिया।

इस तरह से पुलिस ने भी पहले व्यापारी का मानसिक उत्पीड़न किया। व्यापारी ने फिर कुछ व्यापारी नेताओं को फोन किये, जिसके बाद ही व्यापारी नेताओं के फोन पुलिस पर आये, तब जाकर पुलिस लुटेरों को पकड़ने के लिए सक्रिय हुई, लेकिन तब तक बदमाशों को पकड़ने में काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने चेकिंग अभियान भी चलाया, लेकिन बदमाश हाथ नहीं लगे।

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