- स्कूलों में धूमधाम से मनाई संत रविदास जयंती
जनवाणी संवाददाता |
शामली: संत रविदास जयंती शिक्षण संस्थाओं में भी धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान शिक्षकों ने महान संत रविदास के जीवन पर प्रकाश डाला।
श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल कुमार शर्मा ने संत रविदास के चित्र पर फूल माला अर्पित एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास महान संत, दर्शनशास्त्री, कवि, समाज सुधारक और ईश्वर के अनन्य भक्त थे। आजीवन कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया।
उनके समय से ही मन चंगा, कठौती में गंगा पक्तियां प्रजलित है। शिक्षक रामनाथ, शिक्षिका लक्ष्मी गर्ग, छवि शर्मा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। संचालन सतीश आत्रेय व अनिल कश्यप ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर घनश्याम सारस्वत, महेश गौड, शिवकुमार, वेदप्रकाश, अक्षय जिंदल, साकेत निर्वाल, सुमन शर्मा, ज्योति तायल, नीतू अग्रवाल, साक्षी, सोनिया सिंघल, अमित ऐरन, मोहित मित्तल, विनोद तथा गोपाल आदि उपस्थित रहे।
संत रैदास ने गुरू रामानंद ने लिया आध्यात्मिक ज्ञान: सैनी
प्राथमिक विद्यालय बदलूगढ़ कैराना मे संत रैदास की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक राकेश सैनी ने बच्चों को संत रविदास के विषय मे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की संत रैदास का जन्म काशी में माघ पूर्णिमा दिन रविवार को संवत 1433 को हुआ था।
रैदास ने साधु-सन्तों की संगति से पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया था। संत रामानन्द के शिष्य बनकर उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित किया। उनका प्रमुख सन्देश था की प्रेम से भरे पवित्र और निर्मल हृदय मे ईश्वर निवास करते है। अगर व्यक्ति का हृदय पवित्र नही है तो सब तीर्थ व्यर्थ हैं। उनका अनुभव भी यही था की मन चंगा तो कठौती मे गंगा।

