जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह के निर्देशों के अनुपालन में 2 अक्टूबर से 18 अक्टूबर, 2022 तक ओवरलोड माल वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही की, जिसमें कुल 220 माल वाहनों का चालान एवं 157 वाहनों को निरुद्ध किया गया। प्रवर्तन की इस कार्यवाही से रू० 75.05 लाख प्रशमन शुल्क एवं 22.83 लाख कर के रूप में प्राप्त किया गया। इस प्रकार ओवरलोड माल वाहनों से कुल 97.88 लाख राजस्व की प्राप्ति हुई।
यह जानकारी उपपरिवहन आयुक्त निर्मल प्रसाद ने यहां दी।
उन्होंने बताया कि 19 से 21 अक्टूबर, 2022 के मध्य अनाधिकृत बसों के संचालन की रोकथाम हेतु लखनऊ जनपद के मुख्य मार्गों पर प्रवर्तन अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी। प्रवर्तन टीम ने कुल 168 वाहनों का चालान एवं 54 वाहनों को निरुद्ध करने की कार्यवाही की। प्रवर्तन की इस कार्रवाई से 10.45 लाख प्रशमन शुल्क एवं 13.11 लाख कर के रूप में प्राप्त किया गया। इस प्रकार अनाधिकृत संचालन के विरुद्ध कार्रवाई से कुल 23.56 लाख राजस्व की प्राप्ति हुई।
निर्मल प्रसाद ने बताया कि लखनऊ परिक्षेत्र में अनाधिकृत संचालित बसों एवं ओवरलोड माल वाहनों के विरुद्ध अब तक कुल 8593 वाहनों का चालान करते हुए कुल 1105 वाहनों को निरुद्ध किया गया। उन्होंने बताया कि 371.38 लाख प्रशमन शुल्क एवं 136.48 लाख कर के रूप में प्राप्त हुए। इस प्रकार अनाधिकृत संचालित बसों एवं ओवरलोड माल वाहनों से कुल 507.86 लाख राजस्व की प्राप्ति हुई।

