- सरधना के राशन डीलरों की रिट पर कोर्ट के अनुपालन में प्रमुख सचिव गृह के आदेश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदेश के 43 जनपदों में ईपॉश मशीनों की मदद से अंजाम दिए गए राशन घोटाले की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने ईओडब्लू को ट्रांसफर कर दी है। इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह ने अवनीश अवस्थी ने आदेश जारी किए हैं। राशन घोटाले की यदि बात की जाए तो तीन-तीन एजेंसियां जांच में लगी हैं, लेकिन आरोपी बताए जा रहे अफसर और डीलर आज भी खुले घूम रहे हैं। दो साल बाद भी कार्रवाई के नाम पर अभी तक दो डीलरों और तीन प्राइवेट आॅपरेटरों की ही गिरफ्तारी की जा सकी है। जबकि आपूर्ति विभाग के जिन अफसरों खासतौर से एआरओ व सप्लाई इंस्पेक्टरों की भूमिका संदिग्ध मानी गयी थी उन पर शिकंजा कसना अब भी बाकी है।
तीन-तीन जांच एजेंसियां
घोटाले की जांच अब तीन-तीन जांच एजेंसियां कर रही हैं। प्रमुख सचिव गृह के 10 नवंबर 2020 के जारी आदेश को यदि सही मानें तो हाईकोर्ट में सरधना के राशन डीलरों की ओर से दायर की गयी मेहराजुद्दीन की रिट पर सुनवाई के बाद दिए गए आदेश के अनुपालन में अब शासन ने राशन घोटाले की जांच ईओडब्लू को सौंप दी है। वहीं, दूसरी ओर यदि आयुक्त खाद्यान्न के पांच अक्टूबर 2020 के पत्र को सही मानें तो आज भी एसटीएफ ही राशन घोटाले की जांच कर रही है। जबकि मेरठ के पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल किए गए जवाव को यदि सही मान लिया जाए तो क्राइम ब्रांच राशन घोटाले की जांच कर रही है। हालांकि मेरठ पुलिस की ओर से कोर्ट में माह फरवरी 2020 को क्राइम ब्रांच की जांच की बात इसलिए अब कोई मायने नहीं रखती क्योंकि उसके बाद कोर्ट ने मैराजुद्दीन की याचिका पर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस कर दिया था।
इन जनपदों के डीएम को आदेश
ईओडब्लू से जांच कराए जाने के संबंध में प्रमुख सचिव गृह के 10 नवंबर को जारी पत्र में मेरठ के अलावा जिन अन्य जिलाधिकारियों को आदेशित किया गया है। उनमें लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, औरेया, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा, बलरामपुर व प्रयागराज भी शामिल हैं। मैराजुद्दीन के रिट पर सुनवाई के बाद दिए गए आदेशों तथा कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रमुख सचिव गृह के पत्र के बाद अब नए सिरे से जांच की बात कही जा रही है।
ये कहना है डीएसओ का
इस संबंध में डीएसओ नीरज सिंह का कहना है कि जांच शासन स्तर से ही करायी जा रही है। मेरठ आपूर्ति कार्यालय से जो जानकारी मांगी जाएगी वो जांच एजेंसियों को मुहैय्या करा दी जाएगी। वैसे भी ये मामला उनके ज्वायनिंग से पूर्व का है।
एक नजर में घटनाक्रम
- राशन घोटाले में प्रमुख सचिव खाद्यान्न के एसटीएफ को जांच के आदेश
- 27 व 29 अगस्त 2018 को प्रदेश के 43 जनपदों में राशन घोटाले में करीब 554 एफआईआर
- मेरठ में कुल 54 डीलरों पर एफआईआर
- माह अक्टूबर 2018 में दो राशन डीलरों रोहत सेन व जगबीर को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- क्राइम की जांच के विरोध में सरधना के राशन डीलरों की हाईकोर्ट में रिट पर पांच दिसंबर 2018 को एसटीएफ जांच के लिए चीफ जस्टिस के आदेश।
- क्राइम ब्रांच से जांच पर कोर्ट का पांच फरवरी 2020 को प्रमुख सचिव को नोटिस देकर मांगा जवाब
- प्रमुख सचिव का कोर्ट को ईओडब्लू से जांच कराए जाने का शपथ पत्र दाखिल
- माह सितंबर 2020 में प्राइवेट आॅपरेटर शाहनवाज व दो अन्य की गिरफ्तारी

