- कैल्शियम का नाम देकर राशन में मिलाया जा रहा था पत्थर
- पुलिस और खाद सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: ब्लॉक के गांव में पशुओं के खाने के राशन में फैक्ट्री मैं भारी मिलावट पाए जाने पर पुलिस की शिकायत पर खाद सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने फैक्टरी को सील कर दिया। दरअसल मेरठ-बड़ौत रोड पर रोहटा गांव में शराब के ठेके के पास अरसे से एक गुमनाम फैक्ट्री संचालित हो रही थी। फैक्ट्री को मेरठ निवासी वाटिका गुप्ता पुत्री ओपी गुप्ता संचालित कर रही है।
जिसमें पशुओं को खिलाने के राशन तैयार किया जा रहा था। जिनमें चोकर मुख्य रूप से बनाया जाता था। जिसकी सप्लाई फैक्ट्री से क्षेत्र के गांवों में की जाती थी। दुकानों पर भी इस फैक्ट्री का निर्मित चोकर पशुओं की बिक्री के लिए उपलब्ध था। बताया गया है कि इस फैक्ट्री में अर्से से पशुओं के राशन में गोरख धंधा करके बड़ी मिलावट की जा रही थी। इसकी शिकायत पर रविवार की रात खाद सुरक्षा विभाग की टीम ने पुलिस बल को लेकर फैक्ट्री पर छापा मारा।

जहां कर्मचारी चौकर व अन्य पशुओं के राशन में मिलावट करते हुए पाए गए। जांच पड़ताल के बाद खाद सुरक्षा विभाग के अधिकारियों परमवीर सिंह व विशाल चौधरी ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर पत्थर को पीसकर चोकर के अंदर मिलाकर बेचा जाता था। जिससे वजन बढ़ने के साथ मोटा मुनाफा फैक्ट्री मालिक कमा रहे थे। खाद सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर काफी संख्या में पत्थर पीसकर लगाए गए थे।
जिन्हें कर्मचारी वह फैक्ट्री मालिक कैल्शियम का नाम देकर मिलावट करके बेच रहे थे। इस गोरखधंधे में फैक्ट्री मालिक के बारे के न्यारे हो रहे थे तो वही पशुओं की जान जोखिम में जा रही थी। शिकायत के बाद अफसरों ने की कार्रवाई के बाद फैक्ट्री में घोर अनियमितताएं पाए जाने पर फैक्ट्री को फिलहाल सील कर दिया है। इस संबंध में खाद सुरक्षा विभाग के अधिकारी विशाल चौधरी ने बताया कि सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। मिलावट पाए जाने पर एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, दूसरी और पुलिस व खाद सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया।
ऐसे हुआ मिलावट के धंधे का भंडाफोड़
वाटिका गुप्ता की जिस फैक्ट्री में पुलिस-प्रशासन व स्थानीय लोगों की आंखों में धूल झोंककर अरसे से पशुओं के राशन में पत्थर व जहरीले पदार्थ मिलाकर परोसा जा रहा था। उसका मामला फैक्ट्री मालिक की करतूत सही खुल गया। दरअसल किसी फैक्ट्री में तीन दिन पहले इनवर्टर बैटरी की चोरी हो गई थी। जिसकी जांच के लिए रविवार की शाम पुलिस वहां पहुंची तो यह गोरखधंधा होता हुआ पाया।
जांच पड़ताल पर पुलिस ने सख्ती की तो कर्मचारियों ने बताया कि पत्थर मिलाकर वजन बढ़ाने के लिए अरसे से मिला कर बेचा जा रहा था। जिसे कर्मचारी शुरू में कैल्शियम का नाम दे रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने इस प्रकरण में संज्ञान लिया और तुरंत एसडीएम सदर संदीप भागिया को जानकारी दी। जिसके बाद एसडीएम के निर्देश पर खाद सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची और पूरे कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील किया।

