- सड़कों के गड्ढे दे रहे हैं बड़ा दर्द
- शहर में ज्यादातर सड़कों की हालत दयनीय, चलना हुआ दूभर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की सड़कों की हालत बरसात के बाद बद से बदतर हो गई है। सड़कों में गड्ढे बेशुमार हो गई है, यदि पूरे शहर के गड्ढों की गिनती की जाये तो वह एक लाख को पार कर सकती है, लेकिन कुछ जगहों पर तो 100 से 200 मीटर तक मार्ग पर गड्ढा दिखाई देना तो दूर सड़क ही दिखाई नहीं देती।
बरसात के बाद महानगर की सड़कों के हालात बहुत ही खराब हो गए हैं। जिसमें सड़क से तारकोल व पथरी उखड़ने के बाद पैदल चलना तो दूर की बात दुपहिया वाहन भी ठीक तरह से नहीं चल पा रहे हैं। जिसमें सड़क पर वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। उधर, बरसात के बाद सड़कों में बने गड्ढों से लोग खासे परेशान हैं।
महानगर की अधिकतर सड़कें बरसात से पूर्व ही बेहद दयनीय हालत में थी। जिसमें सड़कें में गड्ढे अनगिनत थे। जिन्हें गिना जाना संभव नहीं हैं, यदि गिनती कराई जाए तो वह एक लाख की संख्या को पार कर देगी, लेकिन बरसात के बाद इन सड़कों को हालात और भी बद से बदतर हो चले हैं। सड़कों पर जलभराव के कारण सड़कों से तारकोल व बजरी उखड़ने के कारण सड़कों की हालत काफी खराब हो चली है।

जिसमें सड़कों में बने गड्ढों की संख्या में भी बारिश के बाद बढ़ोतरी हुई है। कई जगह तो सड़क से बजरी व तारकोल करीब 100 से 200 मीटर से अधिक दूरी तक पूरी तरह से उखड़ चुका है। जिसमें सड़क पर बजरी फैल गई। जिसमें राहगीर उन बजरी से फिसलकर वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। जिसमें घंटाघर से रेलवे रोड को जाने वाली सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। उधर, फुटबाल चोक से बाइपास रोड तक सड़क कई जगह से उखड़ गई है।
भूमिया पुल से लिसाड़ीगेट, हापुड़ अड्डा तक भी सड़क के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। छतरी वाले पीर से जिला अस्पताल एवं नगर निगम तक जाने वाली सड़क भी जर्जर होकर पूरी तरह से टूट चुकी है। जिसमें बरसात के बाद हालात और भी खराब हो चुके हैं। दिल्ली रोड, बच्चा पार्क, शास्त्रीनगर में भी कई जगह सड़कों में बरसात के बाद गहरे-गहरे गड्ढे बन गए हैं।
जिसमें टूटी सड़कों पर चलना दुपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा हो रही है। महानगर की सड़कें बरसात के बाद बद से बदतर स्थिति में दिखाई दे रही है। बुधवार को महानगर में हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव हुआ था। जिसमें तहसील के रिकॉर्ड के अनुसार 108 मिमी दर्ज की गई थी।
‘डियर गर्वमेंट…प्लीज मेक बेटर रोड्स फॉर अस’
‘डियर गर्वमेंट, इंस्टीड आॅफ मेकिंग बैटर ट्रैफिक रूल्स, प्लीज मेक बैटर रोड्स फॉर अस, बिकॉज लाइफ इज मोर इम्पॉर्टेंट दैन रूल्स’। अर्थात ‘प्रिय सरकार, बेहतर ट्रैफिक नियम बनाने के बजाये कृपया हमारे लिए बेहतर रोड्स बनाएं क्योंकि जिंदगी, नियमों से ज्यादा महत्वपूर्ण है’। बारिश के इस मौसम में इस समय यही इबारत शहर के कई लोगों के वाट्सएप स्टेटस से लेकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है।
दरअसल, इस समय कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हो रहे जलभराव के कारण कई वाहन चालक उसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कारण सड़कों में गहरे गहरे गड्ढे। मेरठ में भी कई लोग इसी प्रकार गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। इन्ही सब से त्रस्त होकर कई लोग अपनी प्रोफाइल पिक से लेकर स्टेटस तक पर एक तस्वीर साझा कर रहे हैं। जिसमें यही इबारत वायरल हो रही है।

मेरठ में तो एक एनजीओ (मेरठ यूथ आॅर्गेनाइजेशन) के सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने वाट्सएप स्टेटस और प्रोफाइल पिक पर यह तस्वीर शेयर की हुई है। संगठन के अध्यक्ष अमित यादव का कहना है कि इस समय सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि बिना जलभराव के चलना भी दूभर है और आप सोचिए कि इन्ही मार्गों पर जलभराव के बीच चलना कितना जान को जोखिम में डालना है।
इसके लिए उन्होेंने नगर निगम अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि यदि बरसात से पूर्व वो क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कर देते तो आज कई लोग चोटिल होने से बच जाते। जो फोटो वायरल हो रहा है, वो खुद ही अपने आप पूरा दास्तां बयां करने के लिए काफी है।
सिटी रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें रद, कई देरी से पहुंची
देशभर में हुई झमाझम बारिश का असर टेÑन यातायात पर गुरुवार को भी देखने को मिला। जिसमें गुरुवार को दिल्ली अंबाला इंटरसिटी एक्सप्रेस रद रही। गोल्डन टेंपल ट्रेन भी रद रही। इसमें हरिद्वार उत्कल सात घंटा देरी से स्टेशन पर पहुंची। दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर व दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस तीन-तीन घंटे देरी से स्टेशन पर पहुंची। अमृतसर-इंदौर भी सात घंटे देरी से स्टेशन पर पहुंची। इस दौरान यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के बाद रेल यातायात लगातार बाधित चल रहा है। स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह का कहना है कि जैसे ही रेलवे ट्रैक सही हो जायेगा, वैसे ही फिर से सभी ट्रेने याथावत समय पर चलेंगी।

