जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद अब अमेरिका की ट्रंप सरकार के हौसलें बुलंद हैं और अब वे दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों को भी धमकाने पर उतर आए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के नेता को चेतावनी देते हुए कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अगर मैं क्यूबा की सरकार में होता तो यकीनन मुझे चिंता होती।
मार्को रुबियो ने क्यूबा को दी चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्यूबा को लेकर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “क्यूबा पूरी तरह से तबाह है। इसे एक अयोग्य सरकार चला रही है, जो एक वृद्ध व्यक्ति के हाथों में है। यहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। यह एक पूरी तरह से तबाह देश है। मादुरो की सुरक्षा में जो गार्ड थे, वे भी क्यूबा के थे। क्यूबा ने कई मामलों में वेनेजुएला पर कब्जा किया है और वेनेजुएला को अपनी कालोनी बनाने की कोशिश की। अगर हम सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखें तो अगर मैं हवाना में होता और सरकार में होता, तो इस घटनाक्रम से मुझे भी निश्चित रूप से चिंता होती।”
अमेरिका और क्यूबा के रिश्ते दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं। यह तनाव 1960 के दशक से शुरू हुआ, जब फिदेल कास्त्रो की सरकार के साथ अमेरिका के संबंध खराब हो गए और अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। बराक ओबामा के कार्यकाल में दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने की कोशिश की गई, लेकिन ट्रंप और बाइडन प्रशासन के दौरान एक बार फिर से इन रिश्तों में तनाव आ गया।
ट्रंप ने भी दिए संकेत
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्यूबा की आलोचना की और इसे एक असफल राष्ट्र बताया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा के नागरिकों और क्यूबा छोड़ चुके लोगों की मदद करना अमेरिका का लक्ष्य है। ट्रंप ने कहा, ‘क्यूबा एक रोचक मामला है। क्यूबा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। क्यूबा के लोग वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। मुझे लगता है कि क्यूबा एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर हम आगे चर्चा करेंगे क्योंकि क्यूबा एक असफल राष्ट्र है। हम क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहते हैं।’
वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी
अमेरिका की खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर उन्हें अमेरिका ले जाया गया है। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोन्डी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

