Friday, March 20, 2026
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द कश्मीर फाइल्स को देखने के बाद बोले दर्शक-अब सच पता चला

  • 1990 की सच्ची घटना, जिसके बारे में पहले नहीं पता था, अब सच सामने आया
  • डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की सराहना करते हुए दर्शकों ने रखी अपनी राय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कश्मीर में 1990 के दशक में एक ऐसी घटना हुई थी। जिसको लेकर कुछ सवाल हमेशा उठते रहे हैं। इस घटना पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स भी इन दिनों चर्चा में है। महाराष्टÑ समेत देश के कई राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांंग भी उठ रही है। फिल्म को लेकर मेरठ के दर्शकों ने भी अपनी राय रखी।

दीप त्यागी, युवा दर्शक का कहना है कि फिल्म में कश्मीर में हुए पलायन को दिखाया गया है। किस तरह उस समय वहां रहने वाले परिवारों के साथ अत्याचार हुआ, किस तरह उनको पलायन के लिए मजबूर किया गया। इस फिल्म को पूरे देश मे काफी कम स्क्रिन मिले हैं, इसलिए फिल्म को थियेटर में जाकर देखना चाहिए। डायरेटर विवेक अग्निहोत्री ने जिस तरह से फिल्म में सच दिखाया है। वह काबिले तारीफ है। फिल्म में कोई भी सीन ऐसा नहीं है। जिसको लेकर किसी तरह का विरोध होना चाहिए। जिन सीन्स को सेंसर किया गया है। वह भी असली ही दिखाने चाहिए। जिससे पता चले कि उस समय हुआ क्या था?

शोभित, दर्शक का कहना है कि यह कश्मीर की वह सच्चाई है। जिसे लेकर हमेशा बाते होती है, लेकिन फिल्म में बताया गया है कि वास्तव में सच क्या है? पहले हमे नहीं पता था कि सच क्या है? लेकिन फिल्म को बनाने वाले डायरेक्टर ने हमें सच से अवगत कराया है। अब हम 1990 में हुई घटना के बारे में फिल्म द्वारा जान पाए हैं। इसमें जो दिखाया गया है, पहले हम इससे अंंजान थे। कम से कम हमारे सामने सच तो आया। इस तरह की फिल्में भविष्य में बनती रहनी चाहिए।

नितिन अधाना, दर्शक का कहना है कि इस तरह की फिल्म बननी चाहिए, हम पहले इस घटना के बारे में अनजान थे, लेकिन अब हमे पता चला है कि उस समय क्या हुआ था? कितना दुर्व्यवहार हुआ है। विशेष समुदाय के लोगों के साथ। उस समय के हालातों को लेकर सरकार ने कुछ नहीं किया था। जिससे ऐसी घटना हुई। हालांकि हम उस समय नहीं थे, लेकिन अब फिल्म के माध्यम से काफी कुछ पता चला है। इस तरह की घटना फिर न हो इसको लेकर भी कुछ कदम उठने चाहिए।

देवेंद्र कुमार, दर्शक का कहना है कि उस समय एक विशेष समुदाय के परिवारों को नहीं बल्कि एक धर्म से ताल्लुक रखने वाले लोगों को कश्मीर से निकाला गया था। डायरेक्टर ने यह दिखाया है कि किस तरह के अत्याचार उस समय हुए थे, जिन परिवारों को वहां से भगाया गया था उनकी स्थिति क्या थी? इस फिल्म को पूरे भारत में टैक्स फ्री होना चाहिए, क्योंकि इसमें सच दिखाया गया है। यह केवल एक फिल्म ही नहीं है, बल्कि सच्चाई का आईना है।

यूपी में टैक्स फ्री की जाये फिल्म

कश्मीरी पंडितों के इतिहास पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स भी इन दिनों चर्चा में है। महाराष्टÑ समेत देश के कई राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांंग भी उठ रही है। दर्शक इसे काफी संख्या में पसंद भी कर रहे हैं। यहां मेरठ में भी सीसीएसयू के छात्र नेता विनीत चपराणा सहित दूसरे छात्रों ने फिल्म को पूरे देश के साथ यूपी में टैक्स फ्री करने की मांग उठाई है। इसके लिए छात्रों ने पीएम मोदी को चिट्ठी भेजकर अपील की है कि फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए। देश के हर सिनेमाघर में इस फिल्म के शो दिखाए जाएंगे। साथ ही सरकारी आयोजनों में भी अभियान चलाकर यह फिल्म दिखाई जाए।

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