जनवाणी ब्यूरो।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, गाजीपुर क्षेत्र का AQI 441 दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस उच्च स्तर के प्रदूषण के कारण गाजीपुर सहित दिल्ली के कई इलाकों में घना स्मॉग छाया हुआ है, जिससे लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
फरीदाबाद में जहरीली हवा से थोड़ी राहत
फरीदाबाद का प्रदूषण स्तर चिंताजनक बना हुआ है। बल्लभगढ़ में अपर्याप्त डेटा उपलब्ध है, जबकि एनआईटी क्षेत्र में 266 (गंभीर), सेक्टर 11 में 245 (खराब) और सेक्टर 30 में 205 एक्यूआई (मध्यम से खराब) दर्ज किया गया है। PM2.5 और PM10 मुख्य प्रदूषक हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर कम समय बिताएं, मास्क पहनें और स्वास्थ्य प्रभावों से सावधान रहें।
वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में
वायु गुणवत्ता सूचकांक का 401 से 500 के बीच होना ‘गंभीर’ श्रेणी में गिना जाता है। इस स्तर का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। गंभीर वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। स्मॉग के कारण दृश्यता भी काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।
कितना पहुंचा दिल्ली एनसीआर में एक्यूआई
राजधानी में रविवार को हवा गंभीर श्रेणी की दहलीज पर पहुंच गई। सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 391 दर्ज किया गया जो हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 21 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 437 दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी है। फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 237 दर्ज किया गया जो हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.45 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 2.47, निर्माण गतिविधियां से होने वाला 2.72 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.63 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 373.3 और पीएम2.5 की मात्रा 215.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रह सकती है। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और कई में बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई।

