- मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के आंकड़े बीमारियों की ओर कर रहे इशारे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिस तरह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और वायुमंडल में दूषित हवाओं का असर बढ़ रहा है उसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में जिस तरह से लोगों का परीक्षण हो रहा है उससे यह खुलासा हो रहा है कि जनपद में सांस और त्वचा संबंधी बीमारी बढ़ रही है।
17 जनवरी को जब मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया तब उसमें 3083 लोगों का परीक्षण किया गया था। इसमें चर्म रोगियों की संख्या 528 और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित 215 लोग आए थे। इनमें युवाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी।
इसके अलावा टीबी के 18 लोग पीड़ित मिले हैं। वहीं पेट संबंधी 330, लीवर संबंधी 105 ब्लड प्रेशर के 161 मरीज आए थे। वहीं 24 जनवरी को हुए आरोग्य मेले में 3400 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। इसमें चर्म रोगी 690, सांस संबंधी बीमारियों के 256 मरीज आए।
इसके अलावा पेट संबंधी 376 और लीवर संबंधी 105 मरीज मिले। वही हाई ब्लड प्रेशर के 197 मरीज मिले। जिस तरह से सांस के मरीज सामने आ रहे हैं उसके पीछ चिकित्सक वायु प्रदूषण को भी जिम्मेदार मानते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डा. तनुराज सिरोही का कहना है कि वायु प्रदूषण के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और उसके फेफड़ों पर असर पड़ सकता है।
वहीं चिकित्सकों का कहना है कि प्रदूषण के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां लोगों को प्रभाव डालने लगती है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के अलावा जिला अस्पताल में प्रतिदिन सांस संबंधी बीमारियों के सौ से अधिक मामले आ रहे हैं। जबकि प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भी ऐसे मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। दरअसल सड़कों पर दौड़ रहे टैम्पो, आटो, बसें, जुगाड़ जमकर प्रदूषण फैला रही है और प्रदूषण नियंत्रण विभाग सिर्फ खानापूर्ति करने के अलावा कुछ नहीं कर रहा है।

