चमरावल गांव में तीसरे दिन भी मौत का कहर जारी
- बुधवार से शुक्रवार तक हो चुकी है छह मौत, गांव में मचा हुआ है कोहराम
- युवक की शराब पीने के बाद खराब हुई थी तबियत, बागपत से मेरठ किया था रेफर
जनवाणी संवाददाता |
चांदीनगर/रटौल: चांदीनगर थाना क्षेत्र के चमरावल गांव में शराब से मौत का कहर जारी है। तीसरे दिन भी एक युवक की मौत हो गई। रात्रि में शराब पीने के बाद उसकी तबियत खराब हुई थी। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। जिला अस्पताल से मेरठ रेफर कर दिया था। जहां उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। उधर, बताया जाता है कि मृतक युवक शराब माफिया का भाई है।
चमरावल गांव में शराब ने मौत का तांडव मचा दिया है। पुलिस-प्रशासन भले ही शराब से मौत की बात को स्वीकार न कर रहा हो और श्यामलाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शराब न आई हो, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश मौत शराब के सेवन से हो रही हैं।
शुक्रवार को भी एक युवक की मौत हो गई। बताया जाता है कि मुकेश पुत्र ओमदत्त की रात्रि में उसकी तबियत खराब हो गई थी। पेट में दर्द, उल्टी और आंखों की रोशनी में धुंधला पन आने लगा था। जिसके बाद उसे पिलाना सीएचसी पर भर्ती कराया गया। जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था।

जिला अस्पताल से उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। मेरठ मेडिकल में मुकेश को भर्ती कराया गया था, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
मुकेश की मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीण भी मुकेश के घर सांत्वना देने पहुंचे और परिजनों का ढांढस बंधाया। मुकेश की पत्नी काजल ने बताया कि गुरुवार की शाम उसने शराब पी थी। उसके बाद उसकी तबियत खराब हो गई थी।
आंखों से कम दिखना शुरू हो गया था। उधर, मुकेश की पत्नी की बात पर विश्वास करें तो उसके पति की मौत भी शराब से हुई है। शराब में कहीं न कहीं मिलावट जरूर है, क्योंकि लगातार मौत का सिलसिला जारी है।
…तो क्या रास्ते में ही तोड़ दिया था दम
मृतक मुकेश के परिजन उसे अस्पतालों में लेकर जाते रहे। जिला अस्पताल से उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। सूत्रों की मानें तो मेरठ अस्पताल में वह मृत ही पहुंचा था। वहां चिकित्सकों ने उसे देखा तो मृत घोषित कर दिया था। जबकि परिजन देर शाम तक भी उसकी मौत होना स्वीकार नहीं कर रहे थे। गांव में उसकी मौत की सूचना फैल गई थी, लेकिन जो परिजन उसके साथ थे वह बार-बार इंकार कर रहे थे। यही नहीं एक युवक तो बार-बार अलग-अलग बात कह रहा था। मौत की बात को वह स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। सवाल यह है कि क्या उसकी मौत रास्ते में ही हो गई थी? अगर ऐसा है तो परिजन देर शाम तक भी उसकी मौत क्यों स्वीकार नहीं कर रहे थे? कहीं किसी का दबाव था या फिर कोई अन्य कारण था? गांव में चर्चाएं भी अलग-अलग तरह की हो रही हैं।
शराब माफिया का भाई है मृतक
चमरावल गांव निवासी दिनेश पुलिस ने शराब तस्करी में पकड़ा है। उसके पास से शराब भी बरामद की है। उसके घर पर छापेमारी भी की है। बताया जाता है कि मृतक मुकेश शराब तस्करी करने वाले दिनेश का भाई है। हालांकि यह भी बताया जाता है कि दिनेश कुछ वर्षों पहले शराब बेचता था।
इनकी हो चुकी है मौत
चमरावल गांव में बुधवार से शुक्रवार तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार की सुबह मजदूर श्यामलाल की मौत के बाद शराब के सेवन से मौत होने की खबर फैली थी, जिसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। पीएम रिपोर्ट में शराब से मौत नहीं आई थी। अधिकारी शराब से मौत की बात को नकार रहे हैं। जबकि गांव में मौत का सिलसिला जारी है। बुधवार को गांव में 25 वर्षीय लामू पुत्र असगर, 40 वर्षीय शिव कुमार पुत्र बल्लू, 50 वर्षीय बल्लू पुत्र शिवदयाल, 40 वर्षीय सुक्कन उर्फ सुनील पुत्र प्रकाश की भी मौत हुई थी। जिनका परिजनों ने किसी को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार व शुपुर्द-ए-खाक कर दिए थे। शुक्रवार को मुकेश पुत्र ओमदत्त की मौत हो गई। उसकी मौत को परिजन शराब से होने की बात कह रहे हैं।
सब ऐसे ही कर रहे हैं, मैं पीकर दिखाऊंगा…
बुधवार व गुरुवार को गांव में पांच मौत होने के बाद शोक की लहर थी। गुरुवार की शाम मुकेश ने कुछ साथियों को कहा कि गांव में जो शराब से मौत बताई जा रही है वह वैसे ही है। कहीं कुछ नहीं है। वह शराब पीकर दिखाएगा, उसे कुछ नहीं होगा। जिसके बाद उसने शराब पी ली। शराब पीने के बाद उसकी तबियत खराब हो गई थी। उसकी पत्नी काजल ने बताया कि करीब डेढ़ साल से मुकेश ने शराब नहीं पी थी, लेकिन कल शाम उसने दिखाने के लिए पी दी, जिसके बाद उसकी ज्यादा तबियत खराब हो गई थी। उधर, मुकेश ने भी नहीं सोचा होगा कि जो शराब वह पी रहा है वह मौत का जाम है। उसने तो दिखावे के लिए पी दी, लेकिन अब वह जिंदगी की जंग हार गया और मौत की नींद सो गया।

