- आदिकवि की जयंती पर मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
- महर्षि के मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम
- रामायण के जरिए भगवान श्रीराम का साक्षात्कार हम सबसे कराया
- चित्रकूट में त्रिकालदर्शी महर्षि की तपोस्थली का विकास करा रही है प्रदेश सरकार
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राजधानी स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री यहां आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जन्मोत्सव समिति के सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार वाल्मीकि समाज के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के लिए एक आयोग भी बनाया गया है, जिसका चेयरमैन समाज से ही है। समाज के लोगों और सफाई कर्मियों के उत्थान के लिए जो कुछ भी अच्छा होना चाहिए, उसकी रिपोर्ट आयोग हमें देगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं और आगे भी किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शरद पूर्णिमा भी है और मान्यता है कि चंद्रमा आज सबसे अधिक चमकीला होता है और धरती के सबसे नजदीक होता है। इस धराधाम पर चांद जैसी शीतलता प्रदान करके रामायण की रचना करने वाले त्रिकालदर्शी महर्षि वाल्मीकि की आज जयंती है। महर्षि वाल्मीकि ने भगवान राम का साक्षात्कार हम सबसे करवाया। उन्होंने भगवान राम पर पहला महाकाव्य ‘रामायण’ रचा था, इसके बाद दुनिया भर में इसी ग्रन्थ को आधार बनाकर भगवान राम के चरित्र को रचा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये हमारा सौभाग्य है कि आज हम सब महर्षि वाल्मीकि का पावन जन्मोत्सव मना रहे हैं। प्रसन्नता है कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर युद्धस्तर पर बन रहा है। इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि के पावन धाम और उनकी तपोस्थली चित्रकूट के लालापुर और यहीं पर संत तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर जैसी पावन स्थली का हमारी सरकार ने सौंदर्यीकरण करके पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने कार्य किया है। आज लालापुर में पहाड़ी पर आसानी से जाने के किये रोपवे की भी व्यवस्था की गई है।

