Saturday, April 4, 2026
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Iran Israel War में अमेरिका की सक्रियता बढ़ी, ट्रंप बोले- “परमाणु कार्यक्रम रोकने को हुआ तो हमला भी करूंगा”

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: ईरान और इस्राइल के बीच जारी युद्ध ने अब वैश्विक रूप लेना शुरू कर दिया है। पिछले छह दिनों से जारी इस संघर्ष में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, और अब अमेरिका भी इस संकट में खुलकर कूद चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म नहीं करता है, तो अमेरिका हमले के लिए भी तैयार है।

ट्रंप का बड़ा बयान: “युद्ध नहीं चाहता, लेकिन परमाणु हथियार भी नहीं”

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा,”मैं युद्ध नहीं करना चाहता, लेकिन अगर चुनाव युद्ध और परमाणु हथियारों के बीच करना हो, तो आपको पता है कि सही क्या है।” उन्होंने ईरान से अपील करते हुए कहा कि उसके पास अभी भी समय है अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने का।

हमले की योजना बनी, अंतिम आदेश बाकी

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार देर रात ईरान पर संभावित सैन्य हमले की योजना को मंजूरी दे दी है। हालांकि, अंतिम आदेश अभी तक नहीं दिया गया है। ट्रंप इस बात का मूल्यांकन करना चाहते हैं कि ईरान परमाणु समझौते को मानने को तैयार होता है या नहीं।

ट्रंप ने कहा, “मेरे पास हर स्थिति के लिए एक योजना है। हमने 60 दिनों तक ईरान से समझौते पर बात की, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। अब उन्हें पछतावा हो रहा है, लेकिन देर हो चुकी है।” ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी नेतृत्व व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहता है और कुछ भी संभव है।

खामनेई पर ट्रंप का तंज

ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका के आत्मसमर्पण के आह्वान को अस्वीकार कर ठीक नहीं किया। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा, “मैं खामनेई को शुभकामनाएं देता हूं।”

अमेरिका ने इस्राइल से शुरू की नागरिकों की निकासी

इधर, ईरान-इस्राइल तनाव में संभावित अमेरिकी भागीदारी को देखते हुए अमेरिका ने इस्राइल स्थित अपने दूतावास से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों की निकासी शुरू कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि “ऑथराइज्ड डिपार्चर” की स्थिति लागू कर दी गई है, जिसके तहत आवश्यक नहीं माने जाने वाले कर्मचारियों को सरकारी खर्चे पर देश से बाहर भेजा जा सकता है।

ट्रंप ने कहा, “मैं इतनी मौतें और विनाश देखना नहीं चाहता, लेकिन अगले सप्ताह बहुत निर्णायक हो सकता है।”

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