- नगर निगम ने सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की, अब शासन को भेजी जायेगी रिपोर्ट
- 2025 तक का रखा लक्ष्य, समिति पास करेगी बजट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम की ओर से पिछले साल अमृत योजना शुरू की गई थी। जिसमें अधिक से अधिक क्षेत्र में पीने का पानी उपलब्ध कराया जा सके। गंगाजल को शहर में लाने के लिये बड़े स्तर पर कार्य शुरू हुआ और पीने के पानी की पाइप लाइन बिछाई गई। अब अमृत 2.0 योजना शुरू होगी।
जिसमें जिन वार्डों में अभी तक पीने का पानी नहीं पहुंच पाया है। यहां जहां आंशिक रूप से कार्य चल रहा है। वहां शत-प्रतिशत कार्य किया जायेगा और लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिये नगर निगम के जल विभाग की ओर से सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसमें करीब 628 करोड़ रुपये का खर्च होगा। जल्द ही इसकी रिपोर्ट ऊपर भेजी जायेगी।
बता दें कि शहर में अब भी ऐसे कई वार्ड हैं। जहां पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। यहां लोगों को या तो हैंडपंप का सहारा है या फिर टैंकर के माध्यम से वहां तक पीने का पानी पहुंचाया जाता है। कुछ लोगों ने सबमर्सिबल लगाकर व्यवस्था कर रखी है, लेकिन अब नगर निगम ने शहर के सभी वार्डों में पीने के पानी को पहुंचाने की तैयारी की है।

इसके लिये अमृत 2.0 योजना के तहत कार्य किया जायेगा और शत-प्रतिशत सभी वार्डों में पीने का पानी उपलब्ध कराया जायेगा। अमृत योजना के तहत ही शहर में पीने की पानी की पाइप लाइन को बिछाने का कार्य किया गया, लेकिन अभी तक पूरे शहर में यह कार्य नहीं हो पाया था। अब अमृत 2.0 योजना के तहत यह कार्य किया जायेगा और जहां जहां पीने का पानी नहीं है। वहां पीने का पानी पहुंचाया जायेगा।
वहीं, इस संबंध में महाप्रबंधक जल नगर निगम कुमार गौरव का कहना है कि अमृत 2.0 योजना के तहत कार्य किया जायेगा। इसका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट शाशन को भेजी जाएगी। वहां समितियों द्वारा ही बजट पास किया जायेगा। नगर निगम की योजना सभी वार्डों में पानी की पाइप लाइन बिछाने की है। जिससे शत-प्रतिशत लोगों को पानी उपलब्ध हो सके। इसी दिशा में कार्य किया जा रहा है।
628 करोड़ रुपये होंगे खर्च
शहर में 90 वार्ड हैं और इन्हें चार भागों में बांटकर नगर निगम की जल विभाग की ओर से सर्वे किया गया है। इसमें चार सेक्टर बांटे किये गये हैं। जिनमें एक भाग में 91 करोड़ रुपये पानी की पाइप लाइन डाले जाने में खर्च होंगे। दूसरे भाग में 204 करोड़, तीसरे भाग में 161 करोड़ और चौथे भाग में 172 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विभाग की ओर से पूरे शहर के सभी वार्डों में सर्वे कर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। जिन वार्डों में पीने की पानी की पाइप लाइन नहीं है। वहां पर पाइप लाइन डाली जायेगी। कुल मिलाकर 628 करोड़ रुपये खर्च कर सभी वार्डों में पीने के पानी की पाइप लाइन डाली जायेगी। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। जल्द ही इसे आलाकमान को भेजा जायेगा।
13 वार्डों में बिल्कुल नहीं है पानी की पाइप लाइन
नगर निगम विभाग के जल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि शहर में कुल 90 वार्ड हैं और इनमें से 13 वार्ड ऐसे हैं। जहां बिल्कुल भी पानी की पाइप लाइन नहीं है। 22 वार्ड ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत पानी की पाइप लाइन पहुंच चुकी हैं और 55 वार्ड ऐसे हैं।
जहां आंशिक रूप से पानी की पाइप लाइन हैं। मतलब कई जगह पानी की पाइप लाइन पहुंच चुकी हैं और कई जगहों पर बाकी है। कभी पानी आता है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से योजना बनाई जा रही है। जिससे लोगों को 24 घंटे और सभी वार्डों में पानी मिल सके।

