Thursday, April 25, 2024
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केजरीवाल सरकार का एक और घोटाला!, मोहल्ला क्लिनिक में फर्जी टेस्ट के आरोप

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  • एक दिन में कैसे देख लिए 500-500 मरीज?
  • मोहल्ला क्लीनिक में फर्जी टेस्ट मामले पर भाजपा ने ‘आप’ को घेरा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मोहल्ला क्लीनिक में फर्जी टेस्ट के मामले में सीबीआई जांच के आदेश देने के बाद भाजपा आम आदमी पार्टी पर हमलावर हो गई है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक में घोटाला हुआ है।

वहां फर्जी टेस्ट हुए हैं। एक दिन में 500-500 मरीज कैसे देख लिए? मोहल्ला क्लीनिक का सीसीटीवी दिखाया जाए। ये इनकी ईमानदारी का नया किरदार है। ये जांच की आंच से घबरा रहे हैं। मोहल्ला क्लीनिक में मरीजों की फर्जी मौजूदगी दिखाई गई है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बवाली अब सवाली हो गए हैं। उलटा चोर कोतवाल को डाटे वाली बात हो रही है यह तो। जहां तक तकनीकि बात है तो वो न्यायालय क्यों नहीं गए।

केजरीवाल जी का वहां जाने से बचना यह प्रमाणित करता है कि वह इस जांच की आंच से बच नहीं सकते हैं। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि क्या मोहल्ला क्लीनिकों में सीसीटीवी हैं? अगर सीसीटीवी था, तो एक दिन में मोहल्ला क्लीनिक में आने वाले 500 से ज्यादा मरीजों की फुटेज होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि ये जो तथाकथित मोहल्ला क्लीनिक थी इसके अंदर जांच की व्यवस्था की गई थी। इस प्रकार के तथ्य सामने आए हैं कि एक दिन में 500 मरीज देखे गए हैं जबकि मोहल्ला क्लीनिक का औपचारिक समय सुबह 9 बजे से 1 बजे तक है।

240 मिनट में किसी ने अगर 533 मरीज देख लिए तो इसका मतलब आधे मिनट में एक मरीज देखा गया है। इतने समय में तो आदमी मंदिर में दर्शन भी नहीं कर पाता है जितने समय में डॉक्टर ने रोग को समझकर उसका निदान-समाधान सब लिख दिया। ये ईमानदारी का नया किरदार है।

भाजपा ने डॉक्यूमेंट जारी कर आम आदमी पार्टी पर लगाए ये आरोप:

  • आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक्स में प्रयोगशाला परीक्षणों की रिपोर्ट आउटसोर्स की गई।
  • दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जाली दवाओं की आपूर्ति के बाद, आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक्स में बिना रोगियों के ही नकली प्रयोगशाला परीक्षण किया।
  • लाखों नकली परीक्षणों के खिलाफ निजी प्रयोगशालाओं को भुगतान किए गए।
  • सबसे गरीब आम आदमी की लाखों करोड़ों की लागत पर इस घोटाला को अंजाम दिया गया ।
  • मोहल्ला क्लिनिक्स के डॉक्टर्स पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करते थे और अनधिकृत/गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी ने रोगियों को परीक्षण और दवाएं निर्धारित कीं।
  • रोगियों के प्रवेश को दर्ज करने के लिए नकली/अस्तित्व नहीं रखने वाले मोबाइल नंबरों का उपयोग किया गया।
  • इस घोटाले ने पंजाब में भी इसी मॉडल पर सवाल उठाए हैं।

रिपोर्ट के महत्वपूर्ण खुलासे:

  • रोगियों के मोबाइल नंबर में केवल 0 अंक दर्ज हैं = 11,657 रिकॉर्ड
  • मोबाइल नंबर रिकॉर्ड खाली हैं – 8251 रिकॉर्ड
  • रोगियों के मोबाइल नंबर को 9999999999 के रूप में दर्ज किया गया है – 3092 रिकॉर्ड
  • 1,2,3,4,5 से शुरू होने वाले मोबाइल नंबर (भारत में अस्तित्व नहीं रखने वाले मोबाइल नंबर) – 400 रिकॉर्ड
  • 15 बार या उससे अधिक बार दोहराए गए मोबाइल नंबर – 999 रिकॉर्ड

दिल्ली की आप सरकार ने प्रयोगशाला जांच सेवाएं आउटसोर्स की हैं।

  • एम/स एजिलस डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड
  • एम/स मेट्रोपॉलिस हेल्थ केयर लिमिटेड

ये सेवा प्रदाता मोहल्ला क्लीनिकों में लैब परीक्षण प्रदान कर रहे हैं।

  • अगस्त 2023 में यह नोटिस किया गया कि दक्षिण-पश्चिम, शाहदरा और उत्तर-पूर्व जिलों के 07 मोहल्ला क्लिनिक्स के कुछ डॉक्टर/कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
  • इन मोहल्ला क्लिनिक्स के रोगियों को डॉक्टर की अनुपस्थिति में अनधिकृत कर्मचारियों ने चिकित्सा परामर्श प्रदान किया और दवाएं बांटीं, जिनकी अनुपस्थिति में डॉक्टर्स थे, जिससे रोगियों के जीवन को खतरा हुआ।
  • इन 07 मोहल्ला क्लिनिक्स के फ़ाइलों में उल्लिखित तारीखों के अनुसार, संबंधित मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज ने नकली तरीके से अपनी उपस्थिति को पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से जनवरी 2023 से जून 2023 तक की थी।
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