जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने ईरान में फंसे करीब 2000 कश्मीरी छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि भारतीय छात्रों और नागरिकों की निकासी की व्यवस्था की जा सके।
ईरान में बिगड़ी सुरक्षा स्थिति
एसोसिएशन ने बताया कि भारतीय दूतावास ने छात्रों को जल्द से जल्द स्व-व्यवस्थित तरीके से ईरान छोड़ने की सलाह दी है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक निकासी योजना नहीं बनाई गई है। जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने कहा कि तेहरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति ने कश्मीर में व्यापक भय और चिंता पैदा कर दी है, जिससे अभिभावक अत्यधिक परेशान हैं।
ईरान में अशांति के बीच अस्थिरता पर चिंता
जेकेएसए ने कहा कि अस्थिर और अशांत वातावरण में छात्रों से स्वयं निकासी की उम्मीद करना न तो सुरक्षित है, न ही व्यावहारिक। यह कदम छात्रों और उनके परिवारों की परेशानियों को और बढ़ा रहा है। एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय की क्षमताओं पर भरोसा जताया, लेकिन वर्तमान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और सक्रिय राजनयिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्र सरकार से निकासी के लिए स्पष्ट ढांचा और आपातकालीन हेल्पलाइन की अपील
एसोसिएशन ने भारत सरकार से स्पष्ट निकासी ढांचा, समर्पित आपातकालीन हेल्पलाइन और सुरक्षित पारगमन मार्ग स्थापित करने की अपील की है, ताकि भारतीय छात्र सुरक्षित, सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से घर लौट सकें।
महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार से की हस्तक्षेप की मांग
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी ईरान में कश्मीरी छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की। उनका यह बयान ईरान में छात्रों के अभिभावकों द्वारा अपनी चिंता व्यक्त करने के बाद आया है।
छात्रों के परिवारों में गहरी चिंता
छात्रों के परिवारों ने बताया कि ईरान में इंटरनेट और संचार सुविधाओं की कमी के कारण वे अपने बच्चों से नियमित रूप से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। परिवारों का कहना है कि इस अव्यवस्था ने उनकी चिंता को और बढ़ा दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही हस्तक्षेप करेगी।
अभिभावकों का विनम्र अनुरोध
अभिभावकों ने विदेश मंत्री से अपनी पूरी विश्वास के साथ विनम्र अनुरोध किया है कि सरकार उनके बच्चों को इस मुश्किल घड़ी में अकेला न छोड़े और उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि छात्रों के लिए इस संकट से उबरने का एकमात्र तरीका भारतीय सरकार की त्वरित कार्रवाई है।
सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील
अभिभावकों ने कहा कि कई छात्र ईरान में मेडिकल और अन्य व्यावसायिक कोर्स कर रहे हैं, और ऐसे आपातकाल में भारतीय सरकार पर निर्भर हैं। उन्होंने अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई करने की अपील की, क्योंकि देरी से छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर और खतरा मंडरा सकता है।

