Wednesday, June 24, 2026
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गवाहों से खुल गया श्रद्धा मर्डर केस का ‘राज’, दरिंदा आफताब हुआ बेनकाब!

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी आफताब की पुलिस रिमांड खत्म होने वाली है। बचे हुए समय में पुलिस को कई और सबूत जुटाने हैं। इसी बीच, आफताब का नार्को टेस्ट भी होना है। दिल्ली पुलिस की अलग-अलग टीम मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जांच पड़ताल करने में जुटी है।

अब तक नौ ऐसे गवाह मिले हैं, जो श्रद्धा मर्डर केस में आफताब को फांसी दिलाने में अहम साबित हो सकते हैं। इस केस में इनकी गवाही काफी जरूरी हो गई है। इनमें कुछ श्रद्धा के दोस्त हैं तो कुछ आफताब के पड़ोसी और डॉक्टर।
ये हैं वो नौ गवाह, जो आफताब के लिए खड़े करेंगे मुश्किल

1. राहुल राय (श्रद्धा का दोस्त) : श्रद्धा डरी हुई थी। उसने मुझे बताया था कि आफताब उसके ऊपर चार से पांच बार हमला कर चुका है। उसे जान से मारने की कोशिश कर चुका है। वह बात-बार में उसके ऊपर हाथ उठाता था।

2. गॉडविन (श्रद्धा का मददगार) : एक दिन उनके (श्रद्धा) साथ मारपीट हुई थी। उनका गला दबाया गया था। उन्हें कई तरह की चोट लगी थी। तब वह घर से भागकर आईं थीं। उन्हें तुरंत सहायता की जरूरत थी। तब मैं उन्हें पुलिस स्टेशन लेकर गया था।

3. लक्ष्मण नाडर (श्रद्धा का दोस्त) : एक बार दोनों के बीच लड़ाई हुई थी। तब श्रद्धा ने मुझे मैसेज किया था। उसने कहा कि प्लीज आप मेरे घर पर आ जाओ और मुझे यहां से बाहर ले जाओ। अगर मैं घर पर रही तो आफताब मुझे मार डालेगा। उस दिन हम दोस्तों ने उसे घर से बाहर भी निकाला था। तब आफताब को वार्निंग भी हम लोगों ने दी थी। तब श्रद्धा ने मना किया कि अभी ऐसा नहीं करना है।

4. शिवानी म्हात्रे (श्रद्धा की दोस्त) : श्रद्धा ने कई बार मुझे मैसेज और फोन पर आफताब की हरकतों के बारे में बताया था। वह उसे हमेशा पीटता था। श्रद्धा शुरू से ही टॉर्चर सह रही थी।

5. रजत शुक्ला (श्रद्धा का क्लासमेट) : अगर आप श्रद्धा को समझने की कोशिश करेंगे तो आपको मालूम चलेगा कि वह एक जिंदादिली शख्स थी। वह हमेशा खुश रहने वाली लड़की थी। बहुत बोल्ड और स्ट्राँग थी। जिस तरह से आफताब कहानी गढ़ रहा है कि वह उसके ऊपर शादी का दबाव बना रही थी, वो झूठ है। आफताब खुद को बेचारा साबित करने की कोशिश कर रहा है।

6. करण (श्रद्धा के मैनेजर) : मैंने पुलिस को श्रद्धा के साथ पिछले साल नवंबर में हुई मारपीट के बारे में बताया था। जिसे उसने पुलिस ने रिपोर्ट भी किया था। मैंने उसकी मदद की और उसे अस्पताल भी पहुंचाया।

7. विकास वालकर (श्रद्धा के पिता) : श्रद्धा को आफताब ने पूरी तरह से अपने काबू में किया हुआ था। वह उसे गुमराह करके घर से लेकर गया और उसके साथ मारपीट करता था।

8. डॉ. शिवप्रसाद शिंदे : मुंबई के ओजोन अस्पताल के डॉ. शिवप्रसाद शिंदे ने मीडिया को बताया है कि तीन दिसंबर 2020 को श्रद्धा उनके पास इलाज कराने आई थी। उसके शरीर पर जो चोटें थीं, वो फिजिकल वॉयलेंस के चलते ही आती हैं, लेकिन उसने कुछ भी खुलकर नहीं बताया। उसकी गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें थीं।

डॉ. शिवप्रसाद शिंदे के मुताबिक आफताब जब श्रद्धा को अस्पताल लेकर आया, तो उसने उसे अपनी पत्नी बताया था। श्रद्धा की गर्दन और पीठ में दर्द था और वह ठीक से चल नहीं पा रही थी। तीन दिन तक वह फीजियोथेरैपी भी लेती रही। तीन दिन बाद हमने श्रद्धा को डिस्चार्ज कर दिया था। उनका इलाज चलते रहना था, लेकिन न उन्होंने फोन उठाया और न ही कभी लौट कर आईं।

9. डॉ. अनिल : श्रद्धा के शव के टुकड़े-टुकड़े करते समय आफताब का भी हाथ कट गया था। तब उसने डॉ. अनिल कुमार से अपना इलाज करवाया था। डॉक्टर ने कहा, ‘मई में वह सुबह के समय आया था। मेरे सहायक ने मुझे बताया कि एक व्यक्ति आया है, जिसे जख्म है। जब मैंने उसे देखा तो वह गहरा घाव नहीं था, बल्कि मामूली था। जब मैंने उससे पूछा कि चोट कैसे लगी तो उसने बताया कि फल काटते वक्त चोट लगी। मुझे कोई शक नहीं हुआ था, क्योंकि वह चाकू से होने वाला छोटा-सा घाव था। उस वक्त वह घबराया हुआ था।

1. 13 से ज्यादा हड्डियां बरामद : आफताब के निशानदेही पर छतरपुर और महरौली के जंगल से अब तक 13 से ज्यादा हड्डियां बरामद हुई हैं। इनकी जांच भी हो चुकी है। ये इंसान की हड्डियां ही हैं। अब इसका डीएनए टेस्ट और पोस्टमार्टम होगा। पुलिस को अभी श्रद्धा का सिर व धड़ नहीं मिला है।

2. 18 अक्तूबर का सीसीटीवी फुटेज मिला : पुलिस को कई सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। इसमें आरोपी कैद हुआ है। बताया जाता है कि आरोपी आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के दो दिन बाद शव के टुकड़े किए थे। आफताब ने कुछ टुकड़े उसी दिन शाम 4:30 से 7:30 बजे के बीच जंगल में फेंक दिया था। जबकि सिर, धड़ और हाथ-पैरों की उंगलियों को फ्रिज में रखा था। इन टुकड़ों को 18 अक्तूबर को यानी करीब पांच महीने बाद जंगल में फेंका था। इसका सीसीटीवी पुलिस को मिल गया है। इसमें वह बैग लटकाए हुए दिख रहा है।

3. किचन में खून के धब्बे मिले: आफताब के किचन में कुछ जगहों पर खून के धब्बे भी मिले हैं। अब पुलिस इसकी जांच कर रही है। इसके अलावा जिस फ्रिज में श्रद्धा के शव के टुकड़ों को रखा गया था, वो भी पुलिस ने बरामद कर
लिया है।

4. श्रद्धा के अकाउंट से पैसे ट्रांसफर हुए: आफताब ने श्रद्धा के अकाउंट से 55 हजार रुपये खुद के खाते में ट्रांसफर किए थे। इसकी डिटेल भी पुलिस को मिल चुकी है। पुलिस के अनुसार, इन्हीं पैसों से श्रद्धा के शव को ठिकाने लगाने के लिए आफताब ने परफ्यूम व अन्य चीजें खरीदी थीं।

5. इंटरनेट के सर्च हिस्ट्री से भी काफी चीजें मिलीं: आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसे ठिकाने लगाने के लिए इंटरनेट पर काफी कुछ सर्च किया था। इसमें उन एसिड के बारे में भी पता लगाया था, जिसके जरिए खून के धब्बे मिट सकते थे। इसका प्रयोग करके आफताब ने फ्रिज से खून के धब्बे साफ किए थे। इसके अलावा बाथरूम में भी इसका प्रयोग किया था।

6. घर से हथियारनुमा चीज मिली: पुलिस को आरोपी आफताब के घर से एक नुकीला हथियार मिला है। पुलिस को शक है कि इसी के जरिए शव के टुकड़े किए गए थे। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस ने घर से तमाम कपड़े भी बरामद किए हैं। गुरुग्राम में जहां आफताब नौकरी करता था, वहां से एक काली पॉलीथिन भी बरामद हुई है। बताया जाता है कि इसमें पुलिस को हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

7. दोस्तों के साथ चैटिंग भी सबूत: आफताब ने कई बार श्रद्धा को बुरी तरह से पीटा था। श्रद्धा ने इसकी जानकारी अपने दोस्तों और ऑफिस में टीम लीडर को दी थी। श्रद्धा ने बताया था कि उसे आफताब ने इस कदर मारा है कि वह उठ भी नहीं पा रही है। उसका बीपी भी लो हो गया है। व्हाट्सएप और मैसेंजर चैटिंग में ये सारे मैसेज सेव हैं। श्रद्धा ने अपने दोस्तों को कुछ तस्वीरें भी भेजी थीं, जिसमें उसे गंभीर चोट लगी है। अब पुलिस इन चैट्स को आफताब के खिलाफ सबूत के तौर पर पेश करेगी।

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