- चमरावल गांव में लगातार मौतों की सूचना पर कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर पहुंचा था प्रतिनिधि मंडल
- पुलिस ने जाने से रोका तो धरने पर बैठ गए कांग्रेस, मृतकों के परिजनों को दी सांत्वना
मुख्य संवाददाता |
बागपत: चमरावल गांव में शराब से लगातार हो रही मौतों पर कांग्रेस पार्टी में भी सरकार के प्रति आक्रोश पनप गया और हाईकमान के निर्देश पर एक प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा। हालांकि कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल को रोकने के लिए पुलिस ने खूब जोर आजमाइश की, लेकिन वह गांव पहुंच गए।
हापुड के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता बाइक से मृतक के घर पहुंच गए। इसके बाद दूसरे मृतक के घर जाने पर पुलिस-प्रशासन ने रोक दिए। जिसके बाद प्रतिनिधि मंडल व अन्य कांग्रेस नेता वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। बाद में पांच लोगों को अनुमति दी गई और उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद करने की मांग की।
चमरावल गांव में शराब से गुरुवार तक 24 घंटे में पांच लोगों की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने जहरीली शराब से मौत का आरोप लगाया था। इसको लेकर हर तरफ आक्रोश है।

मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल भी चमरावल गांव में पहुंचा। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी के निर्देश पर पार्टी महासचिव वीरेंद्र सिंह गुड्डु, प्रदेश सचिव सत्यम सैनी, पूर्व विधायक गजराज सिंह, प्रदेश सचिव अवनीश काजला, बागपत जिलाध्यक्ष डॉ. युनूस चौधरी, शामली जिलाध्यक्ष दीपक सैनी, सतपाल पथोलिया, शहर अध्यक्ष राकेश शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार सिंह, बेगराज सिंह, हाकिम चौधरी, एडवोकेट मोहम्मद फरीद, अख्तर चौधरी, यशवीर सिंह, डॉ. नरेंद्र शर्मा, आकिल अहमद चमरावल गांव पहुंचे।
हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही सभी बॉर्डर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पूर्व विधायक गजराज सिंह कार की बजाय बाइक से गांव पहुंच गए। इसके अलावा अन्य नेता भी किसी तरह गांव पहुंचे। मृतक शिव कुमार पुत्र बल्लू के घर कांग्रेसियों ने परिजनों को सांत्वना दी और जानकारी ली।
कांग्रेस नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिया कि पार्टी उनके साथ है। इसके बाद वह मृतक श्यामलाल के घर जाने लगे तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया।
एसडीएम व सीओ ने मय फोर्स वहां पहुंचकर उन्हें रोक लिया और जाने नहीं दिया। इसका विरोध कांग्रेसियों ने खूब किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेसियों व पुलिस की नोकझोंक खूब हुई। बाद में वह वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के प्रति आक्रोश जताया। बाद में पांच लोगों के जाने की अनुमति उन्हें दी गई, जिसके बाद कांग्रेस नेता अन्य मृतकों के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
उन्होंने इस दौरान कहा कि प्रदेश में जंगलराज कायम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शराब माफिया हावी है। भाजपा की सरकार उन पर अंकुश लगाने में नाकाम है।
सरकार अपनी खामियों को छिपाने में चमरावल गांव में हुई मौतों का कारण अन्य दर्शा रही है। अधिकारियों के माध्यम से शराब की बात को नकारा जा रहा है, जबकि हकीकत कुछ ओर है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चमरावल की घटना से पता चलता है कि किस तरह की सरकार प्रदेश में है?
यहां आमजन की मौत पर भी गोलमाल करने से सिस्टम पीछे नहीं है। जब मौत शराब से हुई है तो परिजनों पर दबाव क्यों बनाया जा रहा है? क्यों शराब की बात को स्वीकार नहीं किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। जिलाध्यक्ष डॉ. युनूस ने कहा कि अगर मृतकों के परिजनों को न्याय नहीं मिलता है तो कांग्रेस सरकार को जगाने का काम करेगी।

