- सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी पीड़िता की शादी
जनवाणी संवाददाता |
कांधला: दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को फांसी लगाकर मारने का प्रयास किया। फांसी लगाने में असफल होने पर आरोपी ने महिला को गर्म प्रेस से जलाते हुए उसे तलाक देकर घर से निकाल दिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने जानलेवा हमला करने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
झिझांना के गांव जमालपुर के मोहल्ला चंदनपुरी निवासी शबनम पुत्री आशक अली ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसका निकाह 11 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गांव इस्सोपुर टील निवासी इरशाद पुत्र उमरदीन के साथ ऊन ब्लांक में सम्पन्न हुआ था।
निकाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसको दहेज नहीं लाने की बात कहते मारपीट करते थे हुए दो लाख रुपए और बाइक की मांग करते थे। पीड़िता के अनुसार जब उसके परिजन उक्त मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताते तो उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे यातानाएं देने लगते। महिला का आरोप है कि उसका पति उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाने के साथ साथ उसका जेठ राशिद उससे संबंध बनाने का प्रयास करता था।
विरोध करने पर वह उसे उसके भाई से तलाक दिलवाने की धमकी देता था। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी ना होने पर 11 अप्रैल की रात्रि उन्होंने एक बार उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया तो उसने मामले की सूचना डायल 112 को दी। सूचना पर पुलिस के पहुंचने पर समाज के गणमान्य लोगों ने पुलिस को रोक कर दोनों पक्षों का समझौता करा दिया था।
किन्तु मंगलवार को एक बार फिर उसके पति इरशाद, ससुर उमरदीन, सास जरीब, जेठ राशिद, जेठानी इमराना, ननद आसमीन ने उसे मारने की नीयत से उसके गले में चुन्नी डालकर जान से मारने की प्रयास किया और उक्त लोगों ने उसके के हाथ व कमर पर प्रेस से जला दिया।
आरोप है कि इसके बाद उसके पति इरशाद ने उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक देकर घर से निकाल दिया। परिजनों ने महिला का डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की।
वहीं थाना प्रभारी रोजंत त्यागी ने बताया कि पति इरशाद और उसके परिजनों उमरदीन, जरीना, राशिद, इसराना, आसमीन के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 323, 504, 506, 498-ए, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

