Tuesday, April 28, 2026
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वसंत पंचमी पर बना शुभ संयोग, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले ऐसे करें सरस्वती आराधना

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में वसंत पंचमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है यानी इस तिथि पर हर तरह के शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है। वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती का प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन देवी को पीला फूल और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाया जाता है।

धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले ऐसे करें सरस्वती आराधना

धनु राशि – पीले रंग की कोई मिठाई अर्पित करें। इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ जाएगी। साथ ही आपकी उच्च शिक्षा की इच्छा भी मां सरस्वती अवश्य पूरी करेंगी।

मकर राशि – निर्धन व्यक्तियों को सफेद रंग का अनाज दान करें। ऐसा करने से मां सरस्वती आपके बुद्धिबल में विकास होगा।

कुंभ राशि – गरीब बच्चों में स्कूल बैग और दूसरी जरूरी चीजें दान करें। मां सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहेगी और आपका आत्म विश्वास भी बढ़ेगा।

मीन राशि – छोटी कन्याओं में पीले रंग के कपड़े दान करें। इससे आपके करियर में आने वाली समस्याओं का निवारण होगा। आपके ऊपर मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहेगा।

सिंह,कन्या,तुला और वृश्चिक राशि वाले ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा

सिंह राशि- मां सरस्वती की पूजा के दौरान गायत्री मंत्र का जाप जरूर करें। ऐसा करने से विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की इच्छा पूरी हो जाएगी।

कन्या राशि- गरीब बच्चों में पढ़ने की सामाग्री बांटे, जिसमें पेन, पेंसिल किताबें आदि शामिल हों। अगर आप ऐसा करते हैं तो पढ़ाई में आ रही आपकी परेशानी को दूर किया जा सकता है।

तुला राशि- किसी ब्राह्मण को सफेद कपड़ें दान में दें। यदि छात्र ऐसा करते हैं तो उन्हें वाणी से जुड़ी किसी परेशानी से निजात मिल सकती है और आपकी वाणी में मधुरता आएगी।

वृश्चिक राशि- अगर याद्दाश्त से संबंधित कोई परेशानी है तो इसे आप मां सरस्वती की आराधना करके इसे दूर कर सकते हैं। मां सरस्वती की पूजा के बाद लाल रंग का पेन उन्हें अर्पित करें।

राशि के अनुसार मां सरस्वती की करें पूजा
आज वसंत पंचमी का त्योहार है। वसंत पंचमी के दिन ज्ञान, संगीत, शिक्षा और बुद्धि की प्राप्ति के लिए मां सरस्वती की पूजा की जाती है। ऐसे में राशिनुसार पूजा उपाय करके लाभ अर्जित किया जा सकता है।

मेष राशि
वसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां की पूजा के दौरान सरस्वती कवच पाठ जरूर करें। ऐसा करने से बुद्धि की प्राप्ति होगी। इसके अलावा एकाग्रता की कमी भी ठीक हो जाएगी।

वृषभ राशि
मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उनको सफेद चंदन का तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें। ऐसा करने से ज्ञान में बढ़ोतरी होने के साथ ही जो भी समस्याएं हैं, उनसे राहत मिलेगी।

मिथुन राशि
मां सरस्वती को हरे रंग का पेन (कलम) अर्पित करें और उससे ही अपनी सभी कार्यों को पूरा करें। ये कार्य आपकी लिखने संबंधी समस्याएं को समाप्त करने में मददगार होगा।

कर्क राशि
मां सरस्वती को खीर का भोग लगाना चाहिए। संगीत क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले छात्रों को ऐसा करने से बहुत अधिक फायदा होगा।

वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती को जरूर अर्पित करें ये पांच चीजें
छात्रों, कलाकारों और आमजन के लिए सरस्वती पूजा का विशेष महत्व होता है। देवी सरस्वती की पूजा करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें और पूजा में देवी सरस्वती की 5 प्रिय वस्तुएं जरूर भेंट करनी चाहिए।

1- देवी सरस्वती को पीले और सफेद रंग के फूल पसंद है। आपको इन फूलों से देवी की पूजा करनी चाहिए।

2- मां सरस्वती को बूंदी का भोग बहुत प्रिय होता है। बूंदी पीले रंग की होती है और यह गुरु से संबंधित वस्तु भी है।

3- वसंत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है इसलिए पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें

4- सरस्वती पूजा में पेन और कॉपी जरूर शामिल करें

5- देवी सरस्वती को केसर और पीला चंदन का तिल करें और खुद भी लगाएं।

वसंत पंचमी पर बना शुभ योग

आज देशभर में वसंत पंचमी का त्योहार उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-पाठ और सभी पवित्र नदियों में स्नान किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि वसंत पचंमी के दिन ही देवी सरस्वती प्रगट हुईं थीं।

पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान ब्रह्राजी ने सृष्टि की रचना की तब उन्हे इसमें कुछ कमी महसूस हुई। तब देवी सरस्वती हाथों में वीणा के लेकर पूरी सृष्टि में स्वर के साथ ज्ञान लेकर प्रगट हुईं।

इस बार वसंत पंचमी के दिन कई तरह के शुभ राजयोग का निर्माण हुआ है। वसंत पचंमी के दिन पारिजात, अमल और शश नाम का राजयोग बना हुआ है। इसी के साथ आज सरस्वती पूजा के लिए सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक का समय शुभ रहेगा।

बसंत पंचमी पूजा मंत्र

  • ओम ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः

  • ओम ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः

  • ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः

  • सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः

  • पुस्तकधृत ॐ पुस्त कध्रते नमः।

  • ज्ञानमुद्रा ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः।

  • महाविद्या ॐ महाविद्यायै नमः।

मां सरस्वती के हाथ में कमल क्यों है सुशोभित

शास्त्रों में देवी सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी माना गया है। मां सरस्वती के स्वरूप में उनके हाथ में कमल है। कमल गतिशीलता का प्रतीक है। यह निरपेक्ष जीवन जीने की प्रेरणा देता है। कमल से ये भी संदेश मिलता है कि हमारे चारों तरफ कैसा भी वातावरण क्यों न हो, उसका प्रभाव हमारे तन-मन पर नहीं आना चाहिए। शुद्ध मन में ही ईश्वर का निवास होता है।

जानिए देवी सरस्वती के अवतरण की पौराणिक कथा
सनातन धर्म में तीन देवियों की हमेशा चर्चा और पूजा होती है। देवी लक्ष्मी, देवी पार्वती और मां सरस्वती। हिंदू मान्यताओं के अनुसार हर वर्ष माघ के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर देवी सरस्वती के प्रागट्य पर्व के रूप में वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। क्या आपको पता है देवी सरस्वती कैसे प्रगट हुईं और इन्हे ज्ञान, कला और विद्या की देवी क्यों कहा जाता है?सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने जीवों खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की। अपनी सर्जना से वे संतुष्ट नहीं थे, उन्हें लगा कि कुछ कमी रह गई है जिसके कारण चारों ओर मौन छाया हुआ है।

भगवान विष्णु से अनुमति लेकर ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, पृथ्वी पर जलकण बिखरते ही उसमें कंपन होने लगा। इसके बाद एक चतुर्भुजी स्त्री के रूप में अद्भुत शक्ति का प्राकट्य हुआ, जिसके एक हाथ में वीणा तथा दूसरा हाथ वर मुद्रा में था। अन्य दोनों हाथों में पुस्तक एवं माला थीं। ब्रह्मा जी ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा का मधुर नाद किया,संसार के समस्त जीव-जंतुओं को वाणी प्राप्त हो गई। जलधारा में कोलाहल व्याप्त हो गया व पवन चलने से सरसराहट होने लगी। तब ब्रह्माजी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा। सरस्वती को बागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणा वादिनी और वाग्देवी सहित अनेक नामों से पूजा जाता है। ये विद्या और बुद्धि की प्रदाता हैं, संगीत की उत्पत्ति करने के कारण ये संगीत की देवी कहलाती हैं।

वसंत पंचमी का त्योहार विद्यार्थियों के लिए खास
वसंत पंचमी के दिन ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती की कृपा से ही व्यक्ति को विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है। विद्या हर व्यक्ति के लिए सबसे अधिक महत्व रखती है। इसी वजह से वसंत पंचमी का पर्व छात्रों, कला व साहित्य जगत के लिए विशेष माना जाता है।

  • विद्या और ज्ञान से ज्यादा मूल्यवान इस दुनिया में कोई भी वस्तु नहीं है।

  • विद्या के जरिए संसार की सबसे मूल्यवान वास्तु भी खरीदी जा सकती है।

  • विद्या एक ऐसी अदृश्य चीज है जो हमें अंधेरे से प्रकाश की ओर लेकर जाती है।

  • विद्या से हमारा स्वभाव विनम्र बनता है, विनम्रता से सज्जनता आती है। सज्जनता से घर-परिवार और समाज में सम्मान मिलता है।

  • विद्या सबसे अनमोल होती है। इसे कोई चोरी नहीं कर सकता।

  • दूसरों को विद्या देने पर ये और ज्यादा बढ़ती है। इसका कोई भार नहीं होता है और न ही इसका बंटवारा किया जा सकता है।

वसंत पंचमी के दिन जरूर करें यह उपाय

  • वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा करने के दौरान उनको पीले पुष्प, पीले रंग की मिठाई या खीर जरूर अर्पित करना चाहिए।

  • वसंत पंचमी के पर्व के अवसर पर देवी सरस्वती को केसर या पीले चंदन का टीका लगाएं और पीले वस्त्र भेंट करें।

  • मां सरस्वती के मूल मंत्र ‘ॐ ऎं सरस्वत्यै ऐं नमः’ का जाप करना चाहिए।

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