Tuesday, March 24, 2026
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Sheikh Hasina : बांग्लादेश में बड़ा राजनीतिक भूचाल, शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों में मौत की सजा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मानवता के विरुद्ध अपराधों के मुकदमे में ढाका स्थित इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश (ICT-BD) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उन्हें मौत की सजा दी है। न्यायाधिकरण ने कहा कि निहत्थे नागरिकों पर की गई समन्वित हिंसा उनकी अधिकतम सजा की हकदार बनाती है।

यह मुकदमा उनकी गैरहाजिरी में चलाया गया, क्योंकि हसीना फिलहाल भारत में हैं।

समन्वित हिंसा के आरोप – पूर्व गृह मंत्री को भी मौत की सजा

ट्रिब्यूनल ने हसीना के सहयोगी और देश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई है।
अदालत ने आदेश दिया कि कमाल की सभी चल-अचल संपत्तियाँ जब्त की जाएँ।

अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान देशभर में भड़की हिंसा में कमाल ने “मुख्य समन्वयक की भूमिका” निभाई थी।

कमाल भी मुकदमे के दौरान अनुपस्थित थे और माना जाता है कि वह भारत में निर्वासन में रह रहे हैं।

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक को पांच साल की जेल

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को इसी मामले में 5 वर्ष का कारावास हुआ है।
वे हिरासत में हैं और उन्होंने अपराध स्वीकार कर सरकारी गवाह बनने का निर्णय लिया था, जिसके बाद अदालत ने कहा कि उनके सहयोग से दोष सिद्ध करने में महत्वपूर्ण मदद मिली।

हसीना ने सुनवाई के दौरान लगाए राजनीतिक साजिश के आरोप

हसीना ने अदालत को बताया था कि उनके खिलाफ लगे आरोप झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं।
ICT के फैसले से पहले अपने समर्थकों को जारी ऑडियो संदेश में उन्होंने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर उनकी पार्टी आवामी लीग को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा आवामी लीग जमीन से उठी पार्टी है। इसे मिटाना इतना आसान नहीं।

 बांग्लादेश में तनाव, हिंसा की आशंका—सुरक्षा बल तैनात

फैसले के बाद देश में बड़े स्तर पर हिंसा की आशंका के चलते सरकार ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।

  • ढाका पुलिस को आदेश:
    यदि कोई बसों में आग लगाने या क्रूड बम फेंकने की कोशिश करे, तो गोली चलाई जा सकती है।
  • बीजीबी, RAB और सेना को देशभर के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।

मानवाधिकार समूहों ने इस आदेश को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि पहले भी ऐसे प्रावधानों का दुरुपयोग हो चुका है।

आवामी लीग ने ‘बांग्लादेश बंद’ का ऐलान किया

फैसले के दिन ही आवामी लीग ने देशव्यापी बांग्लादेश बंद का आह्वान किया। पार्टी ने हसीना के खिलाफ सभी आरोपों को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है।

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