Wednesday, May 29, 2024
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बारलोगंज एरिया बना नशे का नया अड्डा, चौकी पुलिस की मिलीभगत से देर रात तक होता है हुड़दंग

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  • प्रदूषण और वन विभाग भी नहीं कर रहा है कोई कार्रवाई
  • दोषी पाए जाने पर बख्शा किसी को नहीं जाएगा: एसएसपी

स्टेट ब्यूरो |

देहरादून: नियम-कानून को ठेंगा दिखाकर पूरी तरह मनमानी करने की एक नजीर पेश कर रहा है मसूरी थाना बारलोगंज चौकी क्षेत्र का बैरिस होटल गार्जियस। इस बैनर तले अंधेरगर्दी मची है और प्रदूषण विभाग तथा चौकी पुलिस कान में तेल डालकर बैठी है। ऐसा लग रहा है कि जैसे उसे कुछ पता ही न हो। हालांकि, संबंधित मामला एसएसपी के संज्ञान में लाया गया है। यही नहीं पेड़ों के कटान को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधि मंडल वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलेगा।

मामला कुछ इस तरह का है। दरअसल, बारलोगंज मेें बैरिश होटल गार्जियस के बैनर तले एक भूभाग में देर रात तक हुड़दंग मचाया जाता है। इस शांत स्थान को नाइट क्लब में तब्दील कर दिया जाता है। सूत्रों का कहना है कि यहां पर जो इमारत है, उसका निर्माण अवैध है। बावजूद इसके शराब, बियर के साथ सूखा नशा भी उपलब्ध कराया जाता है। कई बार असहज स्थितियां पैदा हो जाती हैं। चूंकि यह क्षेत्र कोलाहल और शोर-शराबे से दूर है। लेकिन, देर रात तक यहां आसपास रहने वालों की जिंदगी में खलल डाला जा रहा है।

सबसे चिंता की बात यह है कि तेज आवाज और ढोल-ढमाकों के शोर से वन्य जीवों की जिंदगी में भी खलल पड़ Þरहा है। यही नहीं, यहां पर सीवरलाइन को खुले में छोड़ दिया गया है। होटल से निकलने वाले कूड़े-कचरे को भी खुले में फेंक दिया जाता है। इससे बदबू उठती है और वातावरण को दूषित कर देती है। हालांकि, आसपास रहने वालों ने कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर पालिका और स्थानीय पुलिस चौकी में भी शिकायतें कीं। लेकिन, चौकी पुलिस न तो यहां जांच करने कभीआई और न ही किसी तरह का प्रतिबंध लगाया गया है।

सूत्रों का कहना है कि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली से पार्टियां बुक कर ली जाती हैं। फिर यहां उन्हें हर तरह की सहूलियतें दी जाती हैं। सूखे नशे में गांजा, चरस वगैरह भी पिलाए जाने की बातें छनकर सामने आ रही हैं। इस पर जल्द अंकुश न लगाया गया तो किसी दिन कोई बड़ी घटना हो सकती है। क्योंकि यहां होने वाली पार्टियां पूरी तरह से अवैध हैं। शराब का परोसा जाना भी इसी श्रेणी में है। होटल भी नक्शे के अनुरूप नहीं है।

न ही इसकी कोई वैधता है। यही नहीं, यहां पर तमाम हरे-भरे पेड़ों को काटकर ठिकाने लगा दिया गया है। हालात एकदम से जुदा हैं। इस संबंध में दून के एसएसपी अजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उधर, एक प्रतिनिधि मंडल वन विभाग के उच्चाधिकारियों से जल्द मिलकर इस समस्या के समाधान और हरे पेड़ों के काटे जाने पर कार्रवाई की मांग करेगा।

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