Wednesday, March 25, 2026
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बसंत पंचमी आज, पतंगबाजी की तैयारी पूरी

  • बेलगाम: चाइनीज मांझे पर रोक लगाना इस बार भी रहा नामुमकिन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बसंत पंचमी का त्योहार आज मनाया जा रहा है। जिसको लेकर सभी तैयारियां लोगों ने पूरी कर ली हैं। शहर में पतंगबाजी का क्रेज भी अपने चरम पर है। वहीं, त्योहार पर पूरे दिन पतंगबाजी करने के लिए भी युवाओं और बच्चों ने पतंगे और मांझे की जमकर खरीदारी की।

खैरनगर और गोलाकुआं पर जमकर पतंगों की खरीदारी सोमवार को की गई। पतंगों का त्योहार बसंत पंचमी पर जमकर पतंगबाजी इस बार भी होगी। इसके लिए सभी लोगों ने सोमवार को बाजारों में मांझे और पतंग की खरीदारी की। वहीं, रात के समय छतों पर म्यूजिक सिस्टम भी लगने शुरू हो गए। युवा वर्ग बसंत को लेकर हर साल उत्साहित रहता है। ऐसे में कई दिनों पहले से ही इसकी तैयारियां शुरू हो जाती है।

बसंत को लेकर शहर में कई जगहों पर रात से ही पतंगबाजी शुरू हो गई। जिसमें पीली और सफेद रंग की पतंगे आसमान में दिखाई दी। इसके अलावा डीजे की धुन बजना भी रात से शुरू हो गई। जोकि अब मंगलवार को दिन भर बजने वाली है। शहर के खैरनगर बाजार और गोलाकुआं पर पतंगों की दुकानें सजी दिखाई दी। वहीं, लोगो ने जमकर पतंगों की खरीदारी भी की। छोटी से लेकर बड़ी और रंग बिरंगी पतंगे दुकानों पर दिखाई दी। वहीं, मांझे की भी खूब बिक्री हुई।

जमकर बिका चाइनीज मांझा

चाइनीज मांझा बैन को लेकर हर साल प्रयास किए जाते हैं, लेकिन इसका कोई निष्कर्ष दिखाई नहीं देता है। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी बाजारों में जमकर चाइनीज मांझे की बिक्री हुई। हालांकि दुकानों पर यह चोरी छिपे ही बेचा और खरीदा गया। जिसकी जानकारी भी प्रशासन को भली-भांति रहती है, लेकिन इस पर कार्रवाई न के बराबर ही की जाती है।

गौरतलब है कि हर साल प्लॉस्टिक मांझे से पक्षियों और लोगों की जान जाती है। यह मांझा आसानी से नहीं टूटता जिससे दोपहिया वाहन चालकों की जान पर भी बन आती है। वहीं, सिर्फ मनुष्य ही नहीं बल्कि इसका शिकार बड़ी संख्या में पक्षी और जानवर भी होते हैं। बिजली की तारों और पेड़ों में उलझा यह मांझा कई पक्षियों की जान छीन लेता है।

मांझे से विद्युत आपूर्ति ठप, कई जगह हुए फाल्ट

बसंत पंचमी के मौके पर पतंगे खूब उड़ रही है। लोग पतंग उड़ा रहे हैं, लेकिन इन पतंगों के कारण शहरवासियों की नींद भी खूब उड़ रही है। पतंग के मांझे के कारण शहर में दर्जनों जगह पर विद्युत फाल्ट हुआ, जिसके कारण कई घंटों तक बिजली गायब रही और लोगों को परेशान होना पड़ा। विद्युत कार्यालय पर शिकायतों का अंबार लग गया।

चाइनीज मांझा सभी को नुकसान पहुंचा रहा है। बिजली विभाग भी इससे परेशान है। चाइनीज मांझे के कारण रोजना कहीं न कहीं फाल्ट होता है और बिजल के तार जलकर टूट जाते हैं। जिससे विभाग को प्रतिदिन हजारों लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। चाइनीज मांझा तारों में उलझ जाने से फाल्ट हो जाता है और रबर से लिपटे तार आग पकड़ लेते हैं, जिससे तार जलकर टूट जाता है।

इस तरक की कई शिकायतें विभाग के पास रोजाना आ रही हैं। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। चाइनीज मांझे के कारण बिजली की तार टूटे और फाल्ट के कारण लोहिया नगर, शास्त्रीनगर, खैरनगर, माधवपुरम, शास्त्रीनगर में ही 100 से अधिक शिकायतें आर्इं। फाल्ट होने के कारण यहां विद्युत कटौती की गई जिससे लोगों को परेशान होना पड़ा।

बार-बार लगते रहे कट

तार फाल्ट होने के कारण लोहिया नगर में हर आधे घंटे में दो से तीन पर कट लगता रहा। शास्त्रीनगर में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। यहां दिन में दस से भी ज्यादाबार विद्युत कटौती की गई, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ा। शास्त्रीनगर सेक्टर दो स्थित बिजली घर के जेई ने बताया कि कई बार कटौती की गई, मांझे के कारण फाल्ट होते रहे जिससे विभाग को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो विभाग को और भी अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस ने चलाया अभियान

चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने के लिये पुलिस ने बसंत से एक दिन पूर्व रात को चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने गोलाकुआं, खैरनगर, लालकुर्ती समेत कई बाजारों में पतंग की दुकानों पर छापा मारा। चाइनीज मांझा सभी के लिये मुसीबत बन गया है। लोग रोजाना चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। इसके बावजूद दुकानों में अवैध रूप से चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है।

बैन के बावजूद यह दुकानों पर खुलेआम बिकता दिखाई पड़ता है। सोमवार को मिली शिकायतों के बाद पुलिस ने चाइनीज मांझे की दुकानों पर छापा मारा और कई सौ मांझे की रील दुकानों से बरामद की। पुलिस ने लालकुर्ती, खैरनगर, गोलाकुआं स्थित पतंग की दुकानों पर छापा मारकर काफी संख्या में चाइनीज मांझा बरामद किया।

देर रात तक होती रही बिक्री

बसंत से एक दिन पूर्व सोमवार की रात बाजारों में पतंग की दुकानों पर खूब भीड़ दिखाई दी। लोग खूब पतंग खरीदते दिखाई दिये। इस दौरान चाईनीज मांझे की भी खूब बिक्री हुई। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद देर रात तक बाजार में चाइनीज मांझा बिकता रहा।

घर से निकले संभलकर, आज हर जगह मिलेगा जाम

बसंत पंचमी पर इस वर्ष सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। यानि पूरे दिन शुभ कार्य किए जा सकते है। खासकर विवाह के लिए वर्ष में यह बेहतर मुहूर्त है। इस दिन ब्याह सुझवाने की भी जरूरत नहीं है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 2004 के बाद इस दिन एक अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। करीब दो महीने के अंतराल के बाद जबरदस्त साया है। इस दिन 500 से ज्यादा शादियां है।

बाजार में भी खरीदारों की भीड़ के कारण बूम है। खास बात यह है कि शुक्र ग्रह के अस्त रहते इन दिनों विवाह के मुहूर्त नहीं हैं, लेकिन बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त होने की वजह से शहर में आज बैंडबाजा और बरात की धूम रहेगी। ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार माह माघ में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग बन रहा है।

बता दें कि बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। ऐसे में इस दिन खूब शहनाई भी गूजेंगी। 16 वर्ष बाद ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति इसको खास बना रही है। इसबार तीन ग्रह खुद की राशि में रहेंगे। मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में होंगे। विवाह और अन्य शुुभ कार्यों के लिए यह स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है। वहीं, इस दिन शादी के अबूझ मुहूर्त होने की वजह से जहां शहर में जाम की स्थिति रहेगी। वहीं मंडप फूल होने की वजह से गली-मोहल्लों में भी टेंट लगेंगे।

बसंत पंचमी पर पतंगबाजों से रहे सावधान

बसंत पंचमी पर जहां मां सरस्वती का पूजन किया जाता हैं, वहीं पतंगबाजी का भी एक अलग महत्व है। बसंत को लेकर शहर के अधिकांश डीजे बुक है। क्योंकि पतंगबाजी का शोक रखने वाले लोगों ने डीजे बुक कर रखे हैं और अपने घरों व गली-मोहल्लों में डीजे बजा वह पतंगबाजी का आनंद लेंगे।

वहीं, दूसरी ओर लोगों को पतंग व उसके मांझे से सावधान रहना होगा और अपने बच्चों को भी घर से बाहर निकालते समय उन्हें बाइक पर आगे न बिठाए और वाहन धीरे चलाए। इतना ही नहीं मांझे से अपना बचाव करने के लिए गले में मफलर बांधकर घर से निकले। ताकि मांझा नुकसान न पहुंचा सकें।

बसंत पंचमी पर की जाती है मां सरस्वती की अराधना

मां सरस्वती को विद्या की देवी का दर्जा दिया जाता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। इस दिन पीला खाने और पहनने का भी महत्व होता है। इसी दिन से बसंत मौसम की शुरूआत हो जाती है। इसलिए यह दिन बेहद शुभ होता है। इस दिन केवल घरोंं में ही नहीं बल्कि शिक्षण संस्थानों में भी सरस्वती मां की पूजा की जाती है।

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