- उल्टी, दस्त, वायरल टाइफाइड के मरीजों में जबरदस्त वृद्धि
- जिला अस्पताल और प्राइवेट चिकित्सकों के पास मरीजों की भीड़
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बरसात शुरू हो गई, इसके साथ बीमारियों की आमद भी शुरू हो गई है। साथ ही जानलेवा बीमारियों का खतरा भी खड़ा हो गया है। पिछले एक सप्ताह से मौसम में बदलाव आया है। कभी उमसभरी गर्मी तो कभी बूंदाबांदी। बारिश के साथ-साथ गंदगी भी फैलने लगी है। जलभराव और कीचड़ ने बुरा हाल कर दिया है। ऐसे में बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। वायरल तेजी से फैल रहा है। इसके साथ ही उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मरीजों के गुर्दोंे में भी असर हो रहा है। ऐसे मरीजों का भर्ती करके ही इलाज किया जा रहा है।
टाइफाइड भी लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसके साथ ही पीलिया, टीबी, डेंगू, मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे अधिक खतरा पशुओं और चूहे आदि जानवरों से फैलने वाली लैप्टोस्पायरोसिस का भी खड़ा हो गया है। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 1547 मरीज ओपीडी में आए, इनमें करीब ढाई सौ मरीज बुखार, उल्टी दस्त, टाइफाइड के आए। इनमें सर्वाधिक वायरल के थे। उल्टी दस्त के 15 मरीजों को भर्ती किया गया। अस्पताल में आज सुबह से ही भीड़भाड़ रही। बड़ी संख्या में मरीजों की खून की जांच भी कराई गई।
टीबी के कुछ संदिग्ध मरीजों की बलगम जांच कराई गई। कुछ मरीजों के एक्सरे भी कराए गए। पैथोलॉजी लैब और रेडियोलॉजी कक्ष के बाहर मरीजों की लाइनें लगी रहीं। प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। चिकित्सक लोगों से बीमारियों से सतर्क रहने और सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि उल्टी दस्त, बुखार के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल में आ रहे हैं। सभी को बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
लैप्टोस्पायरोसिस का खतरा बढ़ा: डा. तनुराज सिरोही
सीनियर फिजीशियन डा. तनुराज सिरोही का कहना है कि बरसात में गाय, भैंस व डेयरियों के अन्य जानवरों व चूहे से फैलने वाले लैप्टोस्पायरोसिस का खतरा भी खड़ा हो गया है। इस बीमारी से मनुष्य के गुर्दों में दर्द होता है, गुर्दे खराब भी हो सकते हैं। इसका असर हार्ट और लीवर पर भी पड़ता है। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बरसात में वायरल, उल्टी दस्त, टाइफाइड के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने हल्का भोजन करने व जलभराव के बीच से न गुजरने व पशुओं से दूरी बनाने की सलाह दी।
गुर्दों पर अटैक कर रहे कीटाणु: डा. एचएम रस्तोगी
सीनियर फिजीशियन डा. एचएम रस्तोगी का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होते ही बीमारियां शुरू हो गई है। उल्टी दस्त, वायरल, टाइफाइड के मरीज बढ़ गए हैं। उल्टी दस्त के मरीजों में कीटाणु गुर्दों पर अटैक कर रहे हैं। ऐसे मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों को बाहर का भोजन न करने, पानी को उबालकर उसे ठंड करे या आरओ का पानी पीने, फलों और सब्जियों को बहुत अच्छी तरह धोकर खाने की सलाह दी। उन्होंने घरों में पानी इकट्ठा न होने और गंदगी न फैलने देने की सलाह दी।

