नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हार्ट अटैक यानी हृदयाघात को लेकर आम धारणा है कि इसके पहले सीने में तेज दर्द, पसीना या सांस फूलने जैसे लक्षण ज़रूर दिखाई देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार हार्ट अटैक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हो सकता है, जिसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है। ऐसे मामलों में मरीज को तब तक पता नहीं चलता जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए।
यह स्थिति उन लोगों के लिए और भी ख़तरनाक हो जाती है जो डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मोटापा या पारिवारिक हृदय रोग इतिहास से जूझ रहे हैं। आइए जानें किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है और कैसे समय रहते इसका जोखिम कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं ?
मशहूर हार्ट सर्जन ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि हार्ट अटैक के 20 फीसदी मामले बिना किसी लक्षण के भी हो सकते हैं। हृदय के अचानक पंप करना बंद कर देने या फिर अनियमित और खतरनाक धड़कने की स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। इस तरह के हार्ट अटैक के मामले में व्यक्ति थोड़ा अस्वस्थ महसूस कर सकता है, बेहोश हो जाता है। निदान के दौरान हार्ट अटैक की पुष्टि हो सकती है।
बिना किसी लक्षण के दिल का दौरा पड़ने को साइलेंट हार्ट अटैक या साइलेंट मायोकार्डियल इंफार्क्शन कहा जाता है। महिलाओं या डायबिटीज के शिकार लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
साइलेंट हार्ट अटैक में क्या दिक्कतें होती हैं?
हार्ट अटैक का नाम सुनते ही सीने में दर्द की समस्या होना सबसे आम माना जाता है, पर साइलेंट हार्ट अटैक में ये लक्षण भी नहीं होते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें आप आमतौर पर हार्ट अटैक से जोड़कर नहीं देखते। आपको शायद पता ही न चले कि आपको हार्ट अटैक हुआ है।
साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण आपको ऐसा महसूस करा सकते हैं जैसे आपको फ्लू है। ऐसे मामलों में अक्सर रोगी बहुत थके हुए, अपच, सिर चकराने जैसी शिकायतें करते हैं।
क्यों होता है साइलेंट हार्ट अटैक?
अब सवाल ये है कि आखिर साइलेंट हार्ट अटैक क्यों होता है? इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोनरी आर्टरी डिजीज इस समस्या का मूल कारण माना जाता है।
आमतौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार लोगों में ये खतरा अधिक रहता है। कोलेस्ट्रॉल आपकी कोरोनरी धमनियों में जमा हो जाती है, जिससे आपके हृदय की मांसपेशियों तक रक्त का संचार कम हो जाता है। ये रक्त के थक्के का खतरा भी बढ़ा देती हैं जिससे भी ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह रुक जाता है और इसके कारण हृदय की कोशिकाएं डेड होने लग जाती हैं।
साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा
डॉक्टर बताते हैं, साइलेंट हार्ट अटैक के कई जोखिम कारक हो सकते हैं, अगर आपको भी इस तरह की कोई दिक्कत है तो सावधान हो जाइए।
अधिक वजन (बीएमआई या बॉडी मास इंडेक्स 25 या उससे अधिक होना) या नियमित शारीरिक गतिविधि न करना आपके लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है। इसके अलावा यदि आपको उच्च रक्तचाप या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रहती है तो भी सावधान हो जाइए और डॉक्टर से सलाह जरूरी ले लें।

