जनवाणी संवाददाता |
जानी खुर्द: पांचली खुर्द निवासी गुर्जर नेता व संयुक्त गुर्जर परिसंघ के अध्यक्ष भोपाल सिंह गुर्जर को दादरी प्रकरण में दो दर्जन गुर्जर समुदाय के युवकों की गिरफ्तारी के विरोध में ज्ञापन देने की आहट के चलते पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। मेरठ बागपत हाइवे पर स्थित पांचली खुर्द निवासी वरिष्ठ गुर्जर नेता व संयुक्त गुर्जर परिसंघ के अध्यक्ष भोपाल सिंह गुर्जर ने अपने संघ के कार्यकर्ताओं व नेताओं ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारी मेरठ को गुर्जर उत्पीड़न के विरोध में ज्ञापन देना था।
गुर्जर परिसंघ द्वारा विरोध व ज्ञापन देने की भनक लगते ही जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने आज सुबह ही गुर्जर परिसंघ के अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर लिया।हाउस अरेस्ट का गुर्जर नेता भोपाल सिंह चपराणा ने विरोध किया।
गुर्जर नेता ने कहा कि प्रशासन द्वारा सम्राट मिहिर भोज के बोर्ड , गुर्जर समाज के बोर्ड व बैनरों पर सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध लगाने का संयुक्त गुर्जर परिसंघ विरोध करता है। अध्यक्ष भोपाल सिंह गुर्जर ने कहा कि गुर्जर समाज की पहचान मिटाने का काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा जातिगत आधार पर सामाजिक रैलियां,बोर्ड आदि पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय असवैधानिक हैं। यह कदम सुनियोजित तरीके से उठाया जा रहा है। इसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
भोपाल सिंह गुर्जर ने कहा कि यह करोड़ों गुर्जरों की भावनाओं को आहत करना व इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश करने का अक्षम्य साहस है।उन्होंने कहा कि यह सदियों से चला आ रहा है। देश की भारतीय सेना में भी विभिन्न जातिगत रेजिमेंट देश की रक्षा में झडे गाड रही है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह कदम देश में आरक्षण हटाने का कोई कदम जैसा लगता है। भोपाल सिंह गुर्जर ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का हमें संविधान भी अधिकार देता है।केंद्र व प्रदेश की सरकारों से इस भेदभाव नीति को वापस लेने,गिरफ्तार लोगो को अविलंब रिहा करने की मांग की ।

