Friday, March 20, 2026
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लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में सीवर लाइन दबाने के नाम पर चल रहा बड़ा घालमेल

  • बीएसएनएल के केबल काटकर बेच रहा ठेकेदार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बीएसएनएल के भूमिगत दबाये गए केबल बाजार में बेचे जा रहे हैं। इस पूरे खेल से बीएसएनएल के अधिकारी अनजान है। यह खेल कर रहे लिसाड़ी गेट क्षेत्र में सीवर लाइन दबाई जा रही है। उसके लिए भूमिगत मिट्टी की खुदाई की जा रही है। ऐसे में बीएसएनएल के फाइव-जी वाला केबल भी भूमिगत दबा हुआ है, जिसे जल निगम के ठेकेदार ने उखाड़कर कटवा दिया है। इस केबल को बीएसएनएल के सुपुर्द करने की बजाय उसे मार्केट में बेचा जा रहा है।

दरअसल, पिछले दो माह से लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में भूमिगत सीवर लाइन तैयार करने से पहले खुदाई चल रही है। यहां पर व्यापक स्तर पर काम चल रहा हैं, लेकिन ठेकेदार ने जेसीबी मशीन से मिट्टी की गहरी खुदाई तो कर दी, लेकिन इस बीच भूमिगत केबल भी आ गए।

केबल भी उखाड़ दिये गए हैं। व्यापक स्तर पर इन केबल को ठेकेदार अपने श्रमिकों से केबल को कटवा रहे हैं तथा फिर उसके बाद केबल काटकर मार्केट में बेचा जा रहा है। यह केबल फाइव-जी फाइवर वाला है, जो मार्केट में काफी महंगा बिकता है।

केबल को काटकर फिर उसे टुकड़ों में काटा जा रहा है, ताकि चोरी छिपे चल रहा यह कार्य किसी को भी दिखाई नहीं दे। हजारों मीटर फाइबर केबल अब तक काट लिया गया है, जो गया कहां? यह किसी को भी पता नहीं है। ठेकेदार से पूछने पर बताया गया केबल किसने काटा उन्हें मालूम नहीं है।

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बीएसएनएल सरकारी संस्था है, उसका केबल कैसे चोरी किया जा सकता है? इस पूरे प्रकरण को जल निगम के अधिकारी भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, लेकिन भूमिगत केबल को किस तरह से ठेकेदार के श्रमिक काट रहे हैं तथा फिर बेच रहे हैं, इसकी पूरी वीडियो जनवाणी के पास मौजूद हैं।

बीएसएनएल का केबल बाजार में बेचा जा रहा है। जल निगम की साइट से केबल को काटा जा रहा है,फिर उसे मार्केट में बेचा जा रहा है। यदि केबल खुदाई के दौरान आ रहा है तो इसकी सूचना बीएसएनएल को क्यों नहीं दी गर्इं? केबल कटने से तो बेसिक फोन भी ठप हो गए होंगे। इसको लेकर तो बीएसएनएल के अधिकारी भी लापरवाह बने हुए हैं।

क्योंकि जिस क्षेत्र में केबल बिछा है तथा उसको काटने के बाद बेसिक फोन ठप पड़ गए होंगे, लेकिन इस पूरे मामले को लेकर बीएसएनएल के अधिकारी भी कम लापरवाह नहीं दिख रहे हैं। उधर, केबल चोरी कर बेचने वाले श्रमिकों से बात की गई तो जनवाणी के फोटो जर्नलिस्ट के साथ अभद्रता पर उतर आये।

यह हाल है उल्टा चोर कोतवाल को डाटे, वहीं सब यहां भी हो रहा है। इससे पहले जनवाणी ने इसी साइट पर मिट्टी बेचने के मामले को सर्वाजनिक किया था, मगर जल निगम के अधिकारी भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। साइट पर क्या चल रहा हैं? इस सबके लिए कौन जिम्मेदार हैं? मिट्टी बेचने के मामले में कार्रवाई हो जाती तो बीएसएनएल का वायर बेचने के मामला सामने नहीं आता।

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