जनवाणी संवाददाता |
बागपत: अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे में आर्य समाज टटीरी के साप्ताहिक यज्ञ एवं सत्संग में आर्य समाज के प्रधान अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ऋषि दयानन्द के उपकारों को भुलाकर अपने आने वाले पाठ्यक्रम में भी शामिल नहीं कर रहा।
हम सब इस का पुरजोर खण्डन करते है तथा ऋषि के जीवन परिचय को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग करते हैं। सभी ने एक स्वर में प्रधान की इस मांग का समर्थन किया। वरिष्ठ अधिवक्ता देवेन्द्र आर्य ने यज्ञ के उपरान्त अपने उद्बोधन में कहा की ऋषि दयानन्द ने न केवल मूर्ति पूजा का खण्डन किया अपितु, बाल विवाह, सती प्रथा का भी विरोध किया और सर्वप्रथम स्वदेश प्रेम की मशाल को उन्होंने ही प्रज्वलित किया।
आनंद जिंदल ने ऋषि दयानन्द के कार्यों पर एक बड़ा ही सुन्दर भजन सुनाया। इस अवसर पर मंत्री संदीप आर्य, समाज के व्यवस्थापक आर्य भुषण, आर्य वीर दल के संचालक मनोज कुमार आर्य, कोषाध्यक्ष कर्मवीर आर्य, संजय गोयल, आनन्द जिंदल, सतीश आर्य, सुरेश जिंदल, विपिन आर्य, रामफल आर्य, शकुंतला आर्य, निशा आर्य, अमित कुमार, मनीष जिंदल, संजीव जिंदल आदि मौजूद रहे।

