- तत्कालीन ईओ अमिता वरुण ने दर्ज कराया था मुकदमा
- जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए आज की तारीख
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: वर्ष 2016 में भाजपा नेता एवं शामली नगर पालिका परिषद के तत्कालीन चेयरमैन अरविंद संगल के विरुद्ध तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण ने एससी-एसटी एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा जाति सूचक शब्द कहने के आरोप लगाते हुए शामली कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत में हाजिर नहीं होने पर कैराना स्थित एससी-एसटी कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा-82 के तहत नोटिस जारी किया था। फिर, पूर्व चेयरमैन के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 19 नवंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। लेकिन गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पूर्व चेयरमैन अदालत में पेश नहीं हुए थे। जिस पर पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे भाजपा नेता अरविंद संगल अपने अधिवक्ता के साथ पुलिस व मीडिया से छुपते हुए मुंह पर मास्क और चादर ओढ़कर कैराना स्थित एससी-एसटी कोर्ट में सरेंडर किया। बताया गया कि पूर्व चेयरमैन के अधिवक्ता की ओर से उनकी जमानत के लिए अपील की गई थी। अधिवक्ता ने अरविंद संगल की ओर से अदालत में याचिका दाखिल की गई। बुधवार को जमानत पर बहस पूरी नहीं हो सकी जिस पर आगे की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार 24 नवंबर की तारीख कोर्ट ने नियत की है। साथ ही, शाम करीब 4 बजे न्यायिक अभिरक्षा में पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल को मुजफ्फरनगर जिला कारागार भेज दिया गया।
अरविंद संगल के अधिवक्ता ब्रह्मपाल सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार को अरविंद संगल की जमानत पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी इसलिए अदालत ने बृहस्पतिवार 24 नवंबर की तारीख नियत की गई है।

