- किसानों की मांगों को लेकर दिया धरना, एडीएम सिटी ने समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन, कराया धरना समाप्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: किसानों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में दिन भर धरना देते हुए प्रदर्शन किया। इस बीच किसानों की मांगों के संबंध में एडीएम सिटी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाकर अपने कार्यालय में मैराथन बैठक करने के उपरांत शाम के समय किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त कराया। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत, मंडल अध्यक्ष विनोद जिटौली और युवा जिलाध्यक्ष आकाश सिरोही के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जिन्होंने डीएम कार्यालय के निकट पेड़ के नीचे धरना शुरू किया।
किसानों ने नारेबाजी करते हुए एकजुटता का परिचय दिया, और मांगों के पूरा होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। इस बीच डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार ने किसानों से ज्ञापन लिया। उन्होंने तत्काल किसानों की मांगों को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को अपने कार्यालय बुलवा लिया। जिनके साथ उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर बिंदुवार बात की। जिसके उपरांत शाम करीब साढ़े पांच बजे अधिकारियों के साथ किसानों के बीच पहुंचकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। किसानों की 18 सूत्रीय मांगों में किनौनी शुगर मिल पर गन्ना किसानों का 195 करोड़ रुपये बकाया होने के मामले में 15 करोड़ रुपये एक दिन में समिति के माध्यम से भिजवाने का आश्वासन दिया गया।
मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन शशांक चौधरी पर अपनी गन्ना पर्ची में किसानों का गन्ना डलवाकर उनका लगभग 50 लाख का भुगतान नहीं करने के आरोप की जांच कराने की बात कही गई। सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर मेरठ में गरीब छात्रों से अवैध वसूली और पीटीए के नाम पर जनपद मेरठ के अन्य माध्यमिक स्कूलों में हो रही अवैध वसूली के आरोप की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। जिस गांव की चकबंदी नहीं हुई है वहां रियल टाइम खतौनी का कार्य स्थगित रखे जाने तथा पूर्व की भांति ही खतौनी बनाए जाने की मांग पर आश्वासन मिला।
इसके अलावा किसानों की ओर से तहसीलों में भ्रष्टाचार, मेरठ जनपद के गांवों व नगर पंचायतों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकने, बिजली की अघोषित कटौती को तुरंत रोकने, मिट्टी खनन के नाम पर किसानों का शोषण तुरंत बंद करने, रजवाहे के पर्याप्त पानी छोड़े जाने, प्राइवेट स्कूलों में ड्रेस कोड एक ही लागू किए जाने, बिजली विभाग विजीलेंस के नाम पर किसानों का उत्पीड़ बंद कराने, ट्यूबवेलों के लिए बिजली के सामान्य कनेक्शन दिए जाने की योजना को चालू कराने जैसी मांगें रखी गर्इं। जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया। धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव सोहसिंह प्रधान, सोहित चौधरी, कालू प्रधान, छोटू, कुश चौधरी, मयंक, निशांत, दीपांशु आदि मौजूद रहे।

