- भाजपाइयों की किरकिरी होने से बची
- पंकज अग्रवाल के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
नगीना: कोतवाली ब्लाक के प्रमुख की कुर्सी को लेकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर अब तक चला शह मात का खेल काफी दिलचस्प रहा। इस बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने वाली ब्लाक प्रमुख तृप्ति राजपूत व अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पंकज अग्रवाल पूर्व प्रमुख राखी अग्रवाल के पति दोनों ही भाजपाई हैं।
ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत के साथ पूरी भाजपा चट्टान की तरह खड़ी थी, लेकिन तमाम हिदायतों के बाद भी पकंज अग्रवाल अपनी पत्नी राखी अग्रवाल के द्वारा भाजपा की ब्लॉक प्रमुख तृप्ति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से पीछे नहीं हटे और दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने पंकज अग्रवाल के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं की। ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव मात्र चार वोटों से गिर गया।

यदि अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता तो भाजपा नेताओं की खूब किरकिरी होती। ब्लॉक प्रमुख तृप्ति के विरुद्ध जब अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब स्थानीय भाजपा के कद्दावर नेता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान, कुंवर कृष्ण बलदेव सिंह, अरविंद गहलौत, जिला मंत्री अनूप वाल्मीकि, नगराध्यक्ष नीरज अग्रवाल आदि ने साफ कहा था कि पूरी भाजपा अपनी ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत के साथ है और यदि भाजपा का ही कोई नेता किसी भी तरह से तृप्ति राजपूत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद कर रहा है तो यह गलत है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने भी इसी तरह का बयान दिया था। मंगलवार को तृप्ति राजपूत के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद भाजपा के इन नेताओं ने राहत की सांस जरूर ली।
अब तृप्ति राजपूत ही ब्लॉक प्रमुख बनी रहेंगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि भाजपा की ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत के खिलाफ पार्टी लाइन से हटकर व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की हिदायतों को दरकिनार कर अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पकंज अग्रवाल व उनकी पत्नी के खिलाफ पार्टी क्या कार्रवाई करती है।
तृप्ति राजपूत के पति विकास राजपूत भाजपा के नेता हैं। पिछले माह जब भाजपा के ही पंकज अग्रवाल की पत्नी राखी अग्रवाल द्वारा भाजपा की ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद शुरू हुई थी तो दो भाजपाइयों की फाइट को लेकर भाजपा की बहुत किरकिरी हुई थी।

