- कबाड़े का काम करता था युवक, तीन दिन से था लापता
जनवाणी संवाददाता |
किठौर: तीन दिन पूर्व रिक्शा लेकर फेरी करने निकले कबाड़ी का शव बृहस्पतिवार सुबह किठौर-मवाना रोड पर अमीनाबाद (बड़ागांव) मोड़ पर बने यात्री शेड में पड़ा मिला। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो से शिनाख्त कर परिजन शव को घर ले गए। पुलिस को भी घटना से अवगत कराया गया, परिजनों की मनाही के बावजूद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा।
शाहजमाल निवासी शहजादा (18) पुत्र साजिद नशे का आदी था। वह गांवों में रिक्शा से फेरी कर कबाड़ा (पुराना लोहा, टीन प्लास्टिक) खरीदने का काम करता था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह वह गांव के ही कबाड़े के थोक व्यापारी…से रिक्शा, बाट-तराजू और पांच हजार रुपये लेकर फेरी के लिए निकला तो फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश किया, लेकिन उसका पता नही चला।
हालांकि बुधवार को शहजादे को राधना में फेरी करता देखे जाने की बात भी सामने आई है। बहरहाल, बृहस्पतिवार सुबह कैली और बड़ा गांव के ग्रामीणों ने किठौर-मवाना रोड स्थित अमीनाबाद यात्री शेड में एक लावारिस युवक का शव पड़ा देखा। ग्रामीणों ने परीक्षितगढ़ पुलिस को सूचित कर शव की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। परीक्षितगढ़ पुलिस मामला किठौर क्षेत्र का बताकर लौट गई।
सोशल मीडिया पर फोटो देख शहजादे के परिजन ग्राम प्रधान के साथ मौके पर पहुंचे और शव को उठाकर घर ले गए। किठौर पुलिस को भी घटना से अवगत कराया। पुलिस मृतक के घर पहुंची और पोस्टमार्टम को भेजने के लिए शव कब्जे में लिया, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम से इंकार करने लगे। जिस पर इंस्पेक्टर एमके उपाध्याय ने नियम का हवाला देते हुए शव मोर्चरी भिजवाया।
इंस्पेक्टर एमके उपाध्याय का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला विषैले पदार्थ के सेवन से आत्महत्या का लग रहा है। परिजन बात को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद देररात गांव पहुंचे शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
युवक ने फांसी पर लटककर दी जान
लावड़: क्षेत्र के एक गांव में युवक ने फांसी पर लटककर जान दे दी। गांव जलालपुर निवासी तारा का 32 वर्षीय पुत्र गांधी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक बुधवार रात गांधी सोने के लिए अपने कमरे में चला गया था। गुरुवार सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजन उसे जगाने के लिए पहुंचे, लेकिन गांधी का शव फंदे पर लटका हुआ मिला। शव लटका देख घर मे चीख-पुकार मच गयी।
जिससे आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटाई। वहीं, गांधी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या करने की चर्चा बनी रही। गांधी 11 भाई बहनों में छठे नंबर का था। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है।
किसान ने पेड़ से लटक कर की जीवन लीला समाप्त
परीक्षितगढ़: क्षेत्र के एक गांव में गृह क्लेश में किसान ने पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस से परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इंकार करने पर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। थाना क्षेत्र के गांव पूठी निवासी राकेश सैनी (62) पुत्र रामस्वरूप सैनी ने गृह क्लेश के चलते बुधवार दोपहर घर से लापता हो गया था। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारी में काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह किसान खेतों पर कृषि कार्य करने जा रहे थे।
इस दौरान जैसे ही वह पूठी रैग्यूलेटर मार्ग गूल के समीप पहुंचे तो जंगल में पेड़ से रस्सी के फंदे से लटका शव देख होश उड़ गए तथा किसानों ने गांव में बताया। जिस पर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त राकेश सैनी के रूप में की। परिजनों ने पुलिस को लिखित में दिया कि वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। जिस पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया। जिसके बाद परिजनों ने शव का गांव के ही श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। राकेश के तीन बच्चे हैं, जोकि सभी शादीशुदा है।
युवक का शव रजवाहे के समीप पड़ा मिला
परीक्षितगढ़: थाना क्षेत्र के गांव अगवानपुर व झब्बापुरी संपर्क मार्ग स्थित रजवाहे के समीप जंगल में एक युवक का संदिग्ध अवस्था में शव मिलने की सूचना पर आसपास के लोगों में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई से मनाकर दिया। जिपर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। क्षेत्र के गांव अगवानपुर झब्बापुरी संपर्क मार्ग स्थित रजवाहे के समीप एक युवक का शव मिलने की सूचना पर थाना पुलिस व ग्रामीण मौके पर पंहुचे।
जहां परिजनों ने शव की शिनाख्त गांव अगवानपुर निवासी इरफान मलिक (45) पुत्र हाफीज अजीमुद्दीन के रूप में हुई। परिजनों ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इंकार करने पर पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने गांव के ही कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। युवक का 10 वर्ष पूर्व पत्नी से तलाक हो गया था तथा वह अकेला ही रहता था। इरफान चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। इरफान की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
महादेव मार्ग पर मिले अधेड़ की अस्पताल में मौत
सरधना: सरधना में महादेव मार्ग पर सड़क किनारे मिले अधेड़ की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। मगर चार दिन बीत जाने के बाद भी अधेड़ की शिनाख्त नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है। गौरतलब है कि चार दिन पूर्व महादेव मार्ग पर सड़क किनारे एक अधेड़ बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ देखा गया था। पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर उसकी शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन अधेड़ की पहचान नहीं हो सकी थी।
पुलिस ने अधेड़ को उपचार के लिए मेरठ अस्पताल में भर्ती करा दिया था। गुरुवार को उपचार के दौरान अधेड़ की मौत हो गई। चार दिन बीत जाने के बाद भी अधेड़ की शिनाख्त नहीं हो सकी। फोटो आसपास सोशल मीडिया पर डालने के बाद भी सफलता नहंी मिल सकी। पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है। इस संबंध में इंस्पेक्टर प्रताप सिंह का कहना है कि अधेड़ की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मामले की जांच की जार ही है।
मटौर गांव में करंट की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत
दौराला: मटौर गांव में बृहस्पतिवार देर रात बिजली का बोर्ड ठीक करते समय दिनेश 60 वर्ष की करंट लगने से मौत हो गई। परिजन दिनेश को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिनेश दौराला-सरधना मार्ग स्थित आर्गेनिक प्लांट में ठेकेदार आरिफ के अधीन कार्य करता था। बुधवार देर रात ड्यूटी के बाद वह घर लौटा और खराब पड़े बिजली के बोर्ड को ठीक करने लगा। बोर्ड ठीक करते समय दिनेश को करंट लग गया। दिनेश की चीख सुनकर बेटे विपिन और नीरज कमरे में पहुंचे। वृद्ध अचेत अवस्था में पड़े मिले, जिस पर दोनों बेटे दिनेश को लेकर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने वृद्ध को मृत घोषित कर दिया।
दिनेश की पत्नी मिथलेश की 19 साल पहले कैंसर से मौत हो चुकी है और दोनों बेटे अभी बेरोजगार हैं। दिनेश के बुजुर्ग पिता थान सिंह भी अक्सर बीमार रहते हैं। बड़े बेटे विपिन ने बताया कि उनके पिता के ऊपर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। वह नौकरी की तलाश कर रहे हैं। दिनेश की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। मदद करना तो दूर ग्रामीणों के सूचना देने के बाद भी कोई नेता और ना कोई संगठन मृतक परिवार को सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा।

