Friday, July 3, 2026
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कामयाबी के लिए किताबी ज्ञान ही काफी नहीं

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जीवन में कामयाबियों का रहस्य महज किताबी ज्ञान में छुपा नहीं होता है। किताबी ज्ञान ही सब कुछ नहीं होता है। किताबों से बाहर भी एक दुनिया होती है जिसका ज्ञान किसी भी डोमैन में सफलता के लिए अनिवार्य होता है। लिहाजा किताबों के ज्ञान के साथ- साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी प्रवीण होना सफलता की राह को आसान करती है।

जीवन में सफलता हासिल करने का जब प्रश्न उठता है तो प्राय: लोग यही कहते हैं कि इसके लिए कठिन मेहनत जरूरी है। कामयाब होने का यह सबसे बड़ा रहस्य है और इससे हम इनकार नहीं कर सकते हैं।

लेकिन जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए जिस प्रकार की गला काट प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हो गया है और एक वैकन्सी के लिए हजारों उम्मीदवार अपने तकदीर की आजमाईश करते हैं तो वैसी स्थिति में कठिन मेहनत से प्राप्त केवल किताबी ज्ञान से कामयाबी हासिल करना आसान नहीं है। जीवन के किसी भी डोमैन में सफलता के लिए हमारी मुकम्मल तैयारी किताबों से अलग अन्य निम्नांकित बातों पर भी निर्भर करती है –

खुद को पहचानिए और प्रश्न पूछिए

खुद को पहचानने का आशय खुद की काबिलियत और स्वाभाविक प्रतिभा को जानना है। इस धरती पर हर व्यक्ति एक अनोखी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है जिसकी तुलना किसी और से संभव नहीं है। किसी का मन गणित में रमा रहता है तो कोई विज्ञान के प्रति जिज्ञासु होता है। किसी को भाषा अच्छी लगती है तो किसी को गीत-संगीत और नृत्य से प्रेम होता है।

कोई खुले आकाश में हवाई जहाज की तरह उड़ान भरना चाहता है तो कोई प्रकृति की सुषमा को अपनी प्रतिभा के रंगों से भरना चाहता है। ऐसी स्थिति में खुद के बारे में ऐसी विलक्षण प्रतिभा की तलाश करना सफल होने की राह में आधी कामयाबी तय कर लेने जैसा ही होता है।

खुद से प्रश्न पूछिए कि आपको किस कार्य को करना अच्छा लगता है। इससे आपको अपनी नैचरल टैलेंट को पहचानने में मदद मिलेगी। इस टैलेंट को निखारने में ही सफलता का रहस्य छुपा हुआ है।

आत्मविश्वास भी है उतना ही अहम

किताबों से प्राप्त ज्ञान के अतिरिक्त कामयाब होने के लिए सेल्फ कॉन्फिडेन्स की महत्ता कम अहम नहीं होती है। तैरने की कला में माहिर होने के बावजूद महज आत्मविश्वास के अभाव के कारण हम गहरे समुद्र में गोते लगा नहीं पाते हैं और जीवन के अनमोल मोतियों को पाने से महरूम रह जाते हैं। आत्मविश्वास जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के लिए आत्मबल और साहस प्रदान करता है। जरूरी यही है कि आत्मविश्वासी बने रहें, आगे बढ़ने से डरें नहीं।

टेक्नोलॉजी से अपडेटेड होना है जरूरी

मौजूद दौर एडवांस तकनीक का है। टेक्नोलॉजी से जीवन में चमत्कार हो सकता है। मॉडर्न युग में जीवन का कदाचित ही कोई डोमैन हो जिसमें टेक्नोलॉजी का यूज नहीं हो। आज के डिजिटल युग में टेक्नो सैवी बनना बहुत ही आवश्यक है। कंप्युटर के ज्ञान से लेकर अन्य विभिन्न प्रकार के ऐप्स के उपयोग करने तक का ज्ञान वर्तमान में सफलता के लिए आवश्यक शर्तों में शुमार होता है। इस ज्ञान के अभाव में हम प्राय: पंगु ही बने रहते हैं।

जरूरी है अपने डोमैन की गहरी जानकारी

अपने स्पेशलाइजेशन के डोमैन का गहरा ज्ञान सफलता का एक अन्य अहम फैक्टर है। इसके अभाव में हमारी कामयाबी में हमेशा संदेह बना रहता है। इसलिए जिस भी डोमैन में हम एक्सपर्ट हैं उसके बारे में हमें हर चीज का गहराई से ज्ञान होना चाहिए। ऐसा करने से उस डोमैन में आपकी कामयाबी सुनिश्चित हो जाती है।

कम्युनिकेशन स्किल्स में निरंतर निखार है जरूरी

कम्यूनिकेशन की अहमियत के बारे में यूनान के महान दार्शनिक प्लेटो ने कहा था, ‘बुद्धिमान व्यक्ति के पास कहने के लिए कुछ होता है जबकि मूर्खों के पास कुछ भी कहने के लिए होता है।’ अर्थात संवाद में हम क्या कहते हैं यह अत्यंत ही अहम होता है। उत्कृष्ट संवाद एक कला है जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करता है।

अच्छे कम्यूनिकेशन स्किल्स से हम इंटरव्यू बोर्ड से लेकर अपने परिवार, दोस्तों, अधिकारियों और सहयोगियों को प्रभावित कर सकते हैं। संवाद में पहली बात दूसरों की बातों को धैर्यपूर्वक सुनना होता है। भाषा की शालीनता, बोलने में आत्मविश्वास, कथ्य की स्पष्टता, भाषा की फ्लूअन्सी और सही जगह पर ठहराव भी अत्यंत अवश्यकत होते हैं। इसलिए इस कला पर मास्टरी की निरंतर कोशिश अवश्य करते रहना चाहिए।

असफलताओं से घबराएं नहीं, सीखें, सुधारें और आगे बढ़ें

इस दुनिया में हर शख्स सफल होना चाहता है और यही कारण है कि वह असफलताओं से निराश हो जाता है, घबरा जाता है। कभी-कभी तो वह फिर से कामयाब होने के लिए प्रयास ही करना छोड़ देता है। सफल होने की राह में इससे बड़ी और कोई बाधा नहीं हो सकती है।

असफलता को यदि सही नजरिए से देखें तो इस हकीकत से इनकार नहीं किया जा सकता है कि असफलता हमारी आँखें खोलती हैं और हम अपनी कमियों को जान पाने में सक्षम हो पाते हैं। असफलताओं से निराश और हताश होकर आगे बढ़ने से मना कर देना अभिशाप है। असफलता पर आत्ममंथन करके अपनी कमियों को दूर कर सफल होने की फिर से कोशिश करने से बढ़कर एक सार्थक जीवन का और कोई दूसरा दर्शन नहीं हो सकता है।

खुद को दूसरों की उपलब्धियों से आंकना बंद करें

हम अक्सर अपनी काबिलियत को दूसरों की उपलब्धियों से आंकते हैं। यह प्रवृत्ति सफलता की राह में अड़चन का कार्य करती है। इसके फलस्वरूप हम खुद की योग्यता में संदेह करने लगते हैं और फिर हमारा सेल्फ-कॉन्फिडेन्स काफी नीचे गिर जाता है। जीवन में हर इंसान की सफलताओं और कामयाबियों की अपनी फेहरिस्त होती हैं और उनके अपने-अपने कारण होते हैं।

दूसरा व्यक्ति उन कारणों और परिस्थितियों की कभी भी बराबरी नहीं कर सकता है। इसीलिए यह स्वाभाविक है कि हमें हमेशा खुद की तरफ देखने चाहिए और खुद को कभी कम नहीं आंकना चाहिए।

स्किल्स सीखें और खुद को सक्षम बनाएं

वर्तमान समय में हुनर की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता है। हम अपने जीवन में सभी प्रकार के हुनर नहीं सीख सकते हैं। किन्तु ऐसा भी नहीं है कि हम अपने लिए कुछ हुनरों पर मास्टरी नहीं पा सकते हैं। स्किल्स का दायरा और दुनिया काफी बड़ी है। यह ऐकडेमिक से भी जुड़ा हो सकता है और टेक्नॉलजी से भी।

आप एक प्रभावशाली आॅरेटर बन सकते हैं, आप एक प्रसिद्ध आॅथर बन सकते हैं, एक उत्कृष्ट गायक बन सकते हैं, पेंटर बन सकते हैं, डान्सर बन सकते हैं, फोटोग्राफर बन सकते हैं, मोटिवेशनल स्पीकर बन सकते हैं, कोई वाद्य यंत्र बजाना सीख सकते हैं, कोई फॉरिन लैंग्वेज सीख सकते हैं। तकनीकी के क्षेत्र में भी आप बेशुमार हुनर सीख सकते हैं। ये सभी स्किल्स जीवन में सफल होने में अतिरिक्त और एक्स्ट्राआॅर्डनरी योग्यताओं के रूप में कार्य करती हैं।

आशय यह है कि जीवन में कामयाबियों का रहस्य महज किताबी ज्ञान में छुपा नहीं होता है। किताबी ज्ञान ही सब कुछ नहीं होता है। किताबों से बाहर भी एक दुनिया होती है जिसका ज्ञान किसी भी डोमैन में सफलता के लिए अनिवार्य होता है। लिहाजा किताबों के ज्ञान के साथ- साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी प्रवीण होना सफलता की राह को आसान करती है।
श्रीप्रकाश शर्मा


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