- अम्हेड़ा गांव का है मामला सरकारी राशन का गबन कर रहा था राशन डीलर
जनवाणी संवाददाता |
गंगानगर: सरकारी मुलाजिमों की मिलीभगत और माफियाओं से जुगलबंदी के चलते गरीबों के निवालों पर डाका डाला जा रहा है। एक ओर जहां पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने अपने पैर पसारे हैं, महामारी बीमारी से निपटने के लिए कई कड़े आदेश दिये थे। कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कई योजनाएं शुरू की।
जिसमें मुख्यमंत्री ने लोगों के भोजन की सुविधा उनके घर तक पहुंचाने की सुविधा और कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि कोई भूखे पेट नहीं सोयेगा और अंत्योदय कार्ड व मनरेगा के मजदूरों 35 किलो राशन फ्री में देने की बात कही थी। साथ कहा था कि कोई कोटेदार गरीबों का हक न मारे और जो कोटेदार ऐसा करता है या मनमानी करता है तो उसे खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री के आदेशों में झोल ही झोल नजर आ रही है। एक ऐसा ही मामला गंगानगर थाना क्षेत्र के गांव अम्हेड़ा में देखने को मिला।
गरीबों के निवाले पर डाका डालने के मामले में पुलिस ने अम्हेड़ा गांव के राशन डीलर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, राशन डीलर कपिल सैनी पिछले अप्रैल माह से सरकारी राशन का गबन कर रहा था। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने उसकी शिकायत डीएम से कई बार कर चुके थे। गुरुवार को डीएम के. बालाजी के आदेश के बाद क्षेत्रिय खाद्य अधिकारी जोगेन्द्र सिंह ने गंगानगर थाने में तहरीर दी। शाम को पुलिस ने राशन डीलर पर धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

