- शहर में डेयरियों के संचालन पर है पूर्णरूप से प्रतिबंध
- फिर भी कई स्थानों पर धड़ल्ले से चल रही डेयरी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शहर में डेयरी संचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगाई हुई है। बावजूद इसके शहर के कई स्थानों पर लोग धड़ल्ले से डेरियों का संचालन कर रहे हैं और हर्जाना नगर निगम को भुगतना पड़ रहा है। जिसका कारण डेरियों से होने वाली गंदगी हैं।
नगर निगम के लिए डेरिया पानी की निकासी को रोकने का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। इसके चलते नगर निगम और वार्ड-73 के पार्षद अबदुज गफ्फार ने शास्त्री नगर क्षेत्र के बाले मियां से लेकर सेक्टर दस में डेरियो का संचालन कर रहे 29 नामजद लोगों के खिलाफ थाना नौचंदी में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, निगम और पुलिस से डेरियों को बंद कराने की मांग की हैं।

बता दें कि वार्ड-73 के पार्षद अब्दुल गफ्फार ने सोमवार को नगर आयुक्त मनीश बंसल के आॅफिस के बाहर धरना दिया और एरिया के सुपरवाइजर पर ठीक तरीके से काम ना करने का आरोप लगाया था। वार्ड-73 के लोगों ने बताया कि डेरियो में पशु के गोबर को पानी से बहा दिया जाता है, जो जाकर नालियों में जम जाता है। जिसके चलते लोगों को गंदगी और पानी की निकासी न होने वाली समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
गत दीपावली के दौरान भी इस तरीके की ही एक समस्या सामने आई थी। जिसमें गोबर सीवर में जम गया था। जिसके चलते निगम की सभी आधुनिक मशीनें फेल हो गई थी, निगम को समस्या का समाधान करने के लिए दूसरी सीवर लाइन बनानी पड़ी थी। वहीं, सरकार ने शहर में डेरियों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, ताकि सफाई और पानी की निकासी ठीक तरीके से होती रहे, लेकिन लोगों पर सरकार के इन आदेशों का कोई फर्क नहीं पड़ा। वहीं, दूसरी ओर जब निगम ने डेरी संचालकों से डेयरी को बंद करने को क हा गया तो संचालकों ने निगम से दूसरी जगह की मांग कर दी।

