- सरेंडर याचिका डाले जाने के चलते कुर्की के प्रार्थना-पत्र पर नहीं हो सका फैसला
जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: किरतपुर गोकशी कांड में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी सपा नेता व नगर पालिकाध्यक्ष अब्दुल मन्नान ने एक बार फिर से कोर्ट में सरेंडर याचिका दाखिल की है। इससे पहले भी वह ऐसा कर चुका है।
सरेंडर याचिका की वजह से कुर्की की कार्यवाही को लेकर दाखिल पुलिस के प्रार्थना-पत्र पर निर्णय नहीं हो सका। उधर हाईकोर्ट में भी पुलिस कैविएट दाखिल कर चुकी है।
किरतपुर गोकशी मामले को लेकर पुलिस की ओर से मंगलवार को कोर्ट में कुर्की की कार्यवाही के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होनी थी।
इसमें निर्णय होने से पहले ही पालिकाध्यक्ष अब्दुल मन्नान की ओर से सरेंडर की याचिका दाखिल कर दी गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो बुधवार को सरेंडर किए जाने की बात प्रार्थना पत्र में कही गई है।
इससे पहले भी सपा नेता की ओर से नजीबाबाद कोर्ट में एक बार सरेंडर के लिए प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है, लेकिन पालिकाध्यक्ष ने सरेंडर नहीं किया था।
इसी सप्ताह कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। अग्रिम जमानत पर भी पुलिस कोर्ट को अपना पक्ष बता चुकी है।
इसके अलावा बीच में चर्चा रही कि पालिकाध्यक्ष अब्दुल मन्नान हाईकोर्ट भी पहुंच सकता हैं। जिसे लेकर पुलिस ने भी हाईकोर्ट प्रयागराज में कैविएट दाखिल कर दी।
गोकशी के मामले में पुलिस ने छह अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार किया था, जबकि सपा नेता समेत चार लोग मौके से फरार हो गए थे। जिन्हें पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया गया।
‘कुर्की की कार्यवाही के लिए दिए गए प्रार्थना पर आज निर्णय हो सकता था लेकिन, पालिकाध्यक्ष की ओर से सरेंडर का प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया गया है। अब तक दो बार सरेंडर की याचिका दी जा चुकी है। पुलिस चारों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।’ -लक्ष्मी निवास मिश्र, एएसपी सिटी बिजनौर