- आर्य समाज में मंदिर में वैदिक यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन
जनवाणी ब्यूरो |
शाामली: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत्सर 2078 के उपलक्ष्य में आर्य समाज मंदिर में हवन-यज्ञ, प्रवचन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर धर्म लाभ उठाया और प्रसाद ग्रहण किया।
मंगलवार को आर्य समाज मंदिर में हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में प्रात: काल यज्ञ किया।
यज्ञ के मुख्य यज्ञमान नितिन वर्मा व कनिका वर्मा, आर्य समाज के प्रधान सुभाष गोयल आर्य व सुदेश आर्य, दिनेश कुमार आर्य व नीलम आर्य, रविकांत आर्य व रमा आर्य रहे। यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के पुरोहित डा. रविदत्त आर्य रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चैत्र का वैदिक नाम मधु मास है।
इस मास में सारी वनस्पति और सृष्टि प्रस्फुटित होती है। पके मीठे अन्न के दोनों की खुशबू, चारों ओर पकी फसल का दर्शन, आत्मबल और उत्साह को जन्म देता है। आर्य समाज के संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, संरक्षिका कमला देवी आर्य, मंत्री सुभाष धीमान, दैनिक यज्ञ प्रभारी राजपाल आर्य, स्त्री आर्य समाज की प्रधान कौशल्या आर्य ने नवसंवत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ऊषा आर्य, प्रेमलता आर्य, मिथलेश आर्य, नीरू आर्य, मंजू आर्य, मोनिका आर्य, जगन्नाथ मिश्रा, सत्यपाल आर्य, ओमवीर आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, देवेंद्र आर्य, अर्चना आर्य, पुष्पा आर्य, रुकमणी आर्य, राजेश धीमान, शुभम आर्य, राजीव हटवाल, प्राची आर्य, सूर्यप्रताप आर्य आदि उपस्थित रहे।

