जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश में बढ़ते ओमिक्रॉन संक्रमण के बीच 15 से 18 साल के बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण आज से शुरू हो गया है। अभी तक 7.56 लाख बच्चों ने टीकाकरण के लिए CoWin एप पर पंजीकरण कराया है।
इन सभी बच्चों को कोवॉक्सिन की खुराक दी जाएगी। सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में किया जब नए वैरिएंट के खतरे के बीच स्कूल-कॉलेजों को खोलना एक चुनौती बना हुआ है।
साल 2007 और उससे पहले पैदा हुए बच्चे कोराना वैक्सीन का टीका लगवा सकते हैं। 15 से 18 साल के बच्चों को सिर्फ कोवॉक्सिन ही लगेगी। इसके लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोरोना वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक भेजी जाएगी। कोविन एप पर 7.65 लाख बच्चों ने कोरोना वैक्सीन के लिए अभी तक रजिस्ट्रेशन करवाया है।
बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण की अनुमति तब मिली है, जब देश में ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है। ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या 1500 के पार जा चुकी है।
पीएम मोदी ने 25 दिसंबर को 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए तीन जनवरी से टीकाकरण का एलान किया था।
बच्चों के अलावा हेल्थ वर्कर, फ्रंड लाइन वर्कर व वरिष्ठ नागरिकों को 10 जनवरी से प्रिकॉशन डोज लगाई जाएगी।
भारत में दो नई वैक्सीन Corbevax और Covovax को भी मंजूरी मिल चुकी है। संभव है कि इन वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर या प्रिकॉशन डोज के रूप में किया जाए।
अभी, भारत सरकार ने सभी के लिए कोरोना की प्रिकॉशन डोज की अनुमति नहीं दी है।
कोरोना के खिलाफ भारत का टीकाकरण अभियान सबसे सफलतम अभियानों में से एक है। करीब 90 प्रतिशत पात्र आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक तो 65 प्रतिशत को दूसरी खुराक दी जा चुकी है।
सरकार के मुताबिक, 11 से अधिक राज्यों में 100 प्रतिशत पात्र लोगों को कोरोना की पहली खुराक दी जा चुकी है।

