Wednesday, April 22, 2026
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‘चाईना बायकाट’ को ठेंगा दिखा रही आईजीएल

  • बिछाई गई गैस लाईन में चाईनीज मीटर लगने से नागरिकों रोष

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: भले ही चाईना सीमा पर भारतीय सैनिकों को सीना तानकर आंख दिखा रहा हो,लेकिन मुनाफा कमाने के लिए भारतीय कम्पनियां देश के करोडो लोगों के जज्बात से खेलकर चाईना के उत्पाद का इस्तेमाल कर सरकार की फजीहत का सबब बनी है।

बानगी के तौर पर शहर में गैस पाईप लाईन बिछाने वाली आईजीएल कम्पनी को ही लिया जा सकता है,जो शहर के कई स्थानों पर डाली गई पाईप लाईन में चाईनीज उत्पाद लगाकर उपभोक्ताओं को चाईनीज यूनिट मीटर इस्तेमाल करने पर मजबूर कर रही है। कम्पनी की कारगुजारी से स्थानीय लोगों ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम शिकायत भेजकर नाराजगी जताई है।

दरअसल, जनपद मुजफ्फरनगर को एनसीआर की श्रेणी में आने के बाद से यहां विकास के कार्यो ने गति पकडी तो यहां गैस की आपूर्ति के लिए अन्डर ग्राउंड पाईप लाईन बिछाने के लिए भी काम शुरू कराया गया।

इसके लिए देश की नामी कम्पनी आईजीएल को काम दिया गया। पिछले कुछ समय से कई स्थानों पर गैस की पाईपलाईन बिछाने वाली कम्पनी के प्रति लोगों में रोष देखने को मिल रहा है।

जगह-जगह खोदी गई सडक को पाइप लाईन डालने के बाद भी गड्ढों को नहीं भरा गया और ना ही सडक का निर्माण कराया गया जिसे लेकर लोगों में नाराजगी थी, अभी लोग इसे लेकर आला अफसरों से शिकायत करते नजर आ रहे हैं।

हाल ही में कम्पनी ने लाईन बिछाने के बाद चाईनीज यूनिट मीटर लगाकर लोगों के आक्रोश को और बढा दिया है । कई स्थानों पर लोगों ने कम्पनी की कारगुजारी पर सवालिया निशान लगाते हुए इस योजना के तहत होने वाले गैस कनेक्शन का विरोध किया है।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम भेजे गए शिकायती पत्र में कार्यवाही की मांंग करते हुए कहा गया कि चायना की हरकत से आर्थिक तंगी का दंश झेल रहे देश में चाईना उत्पाद प्रयोग कर आईजीएल कम्पनी ने भारत के साथ विश्वासघात किया है।

अभी मेड इन इंडिया या अन्य देश का मीटर बाजार में नहीं आया है। कम्पनी को सीमित समयावधि में काम पूरा करना है, जो मीटर लगाए जा रहे हैं वह कई वर्ष पूर्व बाजार से कम्पनी ने खरीद रखे थे। हांलाकि कम्पनी ने नोएडा में मीटर व रेगुलेटर बनाने के लिए यूनिट लगाई है जिसके मीटर आने में समय लगेगा। 
                                                                                                    -राजकुमार सिंह, चीफ मैनेजर आईजीएल

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