जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगरायुक्त मनीष बंसल मंगलवार की सुबह औचक वार्ड-51 के मलियाना क्षेत्र की सफाई व्यवस्था देखने पहुंचे। नगरायुक्त को मौके पर कूड़े के ढेर लगे मिले, जिसको देखकर नगरायुक्त सफाई कर्मियों व अधीनस्थ अफसरों पर भड़क गए तथा कहा कि सफाई के दावे कैसे किये जा रहे हैं? यहां तो गंदगी का अंबार लगा है, ऐसे कैसे स्मार्ट बनेगा शहर।
नगरायुक्त जिस गली में भी पहुंचे, वहां गंदगी के ढेर लगे मिले। अधिकारी सफाई भी देते रहे, मगर नगरायुक्त सख्त नाराज हो गए। इस वार्ड में प्रतिदिन कितने सफाई कर्मचारी सफाई करने पहुंचते हैं, उनकी जानकारी ली तथा कहा कि यह गंभीर लापरवाही है, जब सफाई करने के लिए ड्यूटी लगी है तो सफाई क्यों नहीं हो रही है?
नगर आयुक्त मनीष बंसल निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता नीना सिंह, अवर अभियंता प्रदीप श्रीवास्तव, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक जयद्रथ के साथ वार्ड-51 में सबसे पहले मलियाना नाले का निरीक्षण किया। इसके बाद चन्द्रलोक मोहल्ले की समस्याओं को देखा। यहां से गुप्ता कालोनी, कालिंदी रोड पहुंचे। गुप्ता कालोनी में सड़क पर कचरे का ढेर देख सफाई नायक हरीश कुमार की क्लास लगा दी। सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की।
उपस्थिति पंजिका में सफाई कर्मचारियों के मोबाइल नंबर नहीं देख सफाई नायक के खिलाफ निलंबन का निर्देश दे दिया। नीलम वाली गली में सड़क पर मिट्टी का भराव क्षेत्रीय पार्षद दीपिका गुप्ता द्वारा कराया जा रहा है। नगर आयुक्त ने सड़क निर्माण के लिए अवर अभियंता को एस्टीमेट बनाने का निर्देश दिया। दिनेश विहार में नाला निर्माण का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षद पति अमित गुप्ता, सचिन गुप्ता, गणेश सिंघल और सूरज राजपूत मौजूद रहे।
जयभगवान को श्रद्धांजलि दी
नगर निगम में कार्यरत सफाई कर्मचारी जय भगवान निवासी सोहराब गेट का बीमारी के कारण सोमवार को निधन हो गया था। मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए शोकसभा आयोजित की गई। नगर निगम में नगर आयुक्त मनीष बंसल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी गजेंद्र सिंह, अपर नगर आयुक्त श्रद्धा साडिल्यायन ने शोक सभा की, जिसमें अनीस अहमद अध्यक्ष, आलोक शर्मा महामंत्री, कैलाश चंदोला, मुख्य लिपिक राजेश बाबू, सुरजीत बाबू, संदीप बाबू, संजय नजराना, सोनू बाबू, शामिल रहे उसके बाद सूरजकुंड पर जय भगवान के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
नगर निगम में आईजीआरएस लंबित, नहीं की जा रही कोई कार्रवाई
नगर निगम में आईजीआरएस भी लंबित पड़े हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनका जवाब निगम से शासन को नहीं दिया जा रहा है। तीन मामलों में बार-बार शिकायत करने के बाद ही कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। दरअसल, डा. प्रेम सिंह निवासी राजन कुंज ने शिकायत की थी कि निगम कर्मचारी योगेंद्र शर्मा और उनके पुत्र नकुल वत्स की नियुक्ति को लेकर सीएम को शिकायत की है, जिसमें आरोप लगा था कि निगम में अधिकारी फर्जी नियुक्ति को लेकर गंभीर नहीं है। अधिकारियों पर अनावश्यक रूप से दबाव बनाया।
जिससे कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। आरोप लगाया है कि योगेंद्र शर्मा की नियुक्ति गलत है। हालांकि इन आरोप को योगेन्द्र शर्मा ने गलत बताया है। उनके पुत्र नकुल वत्स का प्रकरण भी इसमें शामिल होना बताया है। इसी कारण से ये मामला आईजीआरएस में लंबित कर दिए गए हैं। फिलहाल तीन मामले आईजीआरएस के लंबित चल रहे हैं। लंबित प्रकरणों पर उच्च अधिकारियों से जांच कराने की शिकायतकर्ता ने मांग की है। शिकायतकर्ता ने कई घोटालों की शिकायत की है, जिनकी जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है।

